राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर को 118 वीं जयंती पर श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर सिमरिया में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। डीएम रिची पांडेय, एसपी मनीष और बरौनी रिफाइनरी के ईडी सत्यप्रकाश समेत अन्य अधिकारियों और ग्रामीणों ने दिनकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद अधिकारी दिनकर जी के पैतृक आवास पहुंचे जहां दिनकर के पौत्र ऋत्विक उदयन ने उनका स्वागत किया। इस दौरान डीएम-एसपी सहित अन्य अधिकारियों ने दिनकर के चित्र समेत दिनकर की स्मृति का अवलोकन किया। अधिकारियों ने जिस दलान में बैठ दिनकर कविताएं लिखा करते थे उस दलान का भी निरीक्षण किया। ‘बेगूसराय की पहचान दिनकर से है’ दूसरी ओर समिति की ओर से दिनकर पुस्तकालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. रामाज्ञा शशिधर ने कहा कि सिमरिया को साहित्यिक तीर्थभूमि बनाने के लिए यहां के लोग वर्षों से लगे हुए हैं। एमएलसी सर्वेश कुमार ने कहा कि बेगूसराय की पहचान दिनकर से है। उन्होंने कहा कि दिनकर की कृतियां आज भी प्रासंगिक है। सिमरिया के विकास के लिए हमसब कृत संकल्पित हैं। तेघड़ा विधायक रजनीश कुमार ने कहा कि हमें राष्ट्रकवि दिनकर के क्षेत्र के प्रतिनिधि होने का गौरव प्राप्त है। दिनकर की रचनाएं आज भी प्रासंगिक है। गंगा नदी पर बने औटा-सिमरिया सिक्सलेन सड़क पुल का नाम बहुत जल्द दिनकर सेतू होगा। इस ओर प्रयास जारी है। शेक्सपियर के गांव की तर्ज पर सिमरिया का विकास होगा। पूर्व विधायक ललन कुंवर ने कहा कि सिमरिया का अब तक विकास नहीं हो पाया है। ‘दिनकर हमारे प्रेरणा स्रोत हैं’ कांग्रेस नेता संजय कुमार सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष विकास कुमार, समाजसेवी विश्वरंजन उर्फ राजू समेत कई वक्ताओं ने समारोह को संबोधित किया। राष्ट्रकवि दिनकर के पौत्र अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि दिनकर हमारे प्रेरणा स्रोत हैं। पत्रकार प्रवीण प्रियदर्शी ने दिनकर के गांव को साहित्यिक तीर्थभूमि बनाने की बात कही। कार्यक्रम में दिनकर के पौत्र अरविंद कुमार सिंह की ओर से लिखित पुस्तक दिनकर कवि कथा अनंता का लोकार्पण किया गया। अध्यक्षता दिनकर स्मृति विकास समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा और संचालन राजेश कुमार सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन अमरदीप सुमन ने किया। बच्चों को पुरस्कृत किया कार्यक्रम से पूर्व दिनकर अभिनय कला केंद्र के कलाकारों ने राधे कुमार के निर्देशन में रश्मिरथी का मंचन किया। मंचन में मुख्य रूप से कर्ण की भूमिका में श्रेष्ठा रानी, इंद्र की भूमिका में सुप्रिया कुमारी, सूत्रधार अमन राज, कृष्ण कुमार, अनुराग, सिम्मी कुमारी, साक्षी कुमारी, अमृता कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिनकर प्लस टू हाई स्कूल के छात्रों ने संगीत शिक्षक सुनील कुमार के नेतृत्व में स्वागत गान और दिनकर के गीत प्रस्तुत की। विद्यालय कार्यक्रम के चयनित बच्चों को पुरस्कृत किया। मौके पर रेखा कुमारी, विकास कुमार, सीओ हेमंत अंकुर, रामनाथ सिंह, कृष्ण नंदन पिंकू, अमर कुमार, प्रदीप कुमार, विनोद बिहारी, ऋत्विक उदयन, विश्वंभर सिंह, अवधेश कुमार पप्पू, शंभू प्रसाद सिंह, कृष्ण मुरारी, प्रियव्रत कुमार, संजीव फिरोज, जितेन्द्र झा, ललन कुमार सिंह, राजेन्द्र राय, यशस्वी आनंद, टिंकू मल्लिक एवं गोविंद गोपाल सहित उपस्थित थे। दिनकर के साहित्यिक योगदान को याद किया राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के अवसर पर जिला प्रशासन, कला एवं संस्कृति विभाग बिहार के संयुक्त तत्वावधान में जिले में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृति और उनके साहित्यिक योगदान को नमन करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर माल्यार्पण, व्याख्यान और सम्मान समारोह आयोजित किए गए। समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में व्याख्यान सत्र और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रश्मिरथी की प्रासंगिकता आज के समय में विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता प्रो. रविन्द्र कुमार वर्मा रवि, एवं प्रो. सिद्धेश्वर काश्यप ने राष्ट्रकवि दिनकर के साहित्य, उनकी कृतियों में निहित राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना एवं समकालीन संदर्भों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के साहित्यिक योगदान, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना और राष्ट्र के प्रति उनके विचारों को स्मरण किया गया। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर को 118 वीं जयंती पर श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर सिमरिया में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। डीएम रिची पांडेय, एसपी मनीष और बरौनी रिफाइनरी के ईडी सत्यप्रकाश समेत अन्य अधिकारियों और ग्रामीणों ने दिनकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद अधिकारी दिनकर जी के पैतृक आवास पहुंचे जहां दिनकर के पौत्र ऋत्विक उदयन ने उनका स्वागत किया। इस दौरान डीएम-एसपी सहित अन्य अधिकारियों ने दिनकर के चित्र समेत दिनकर की स्मृति का अवलोकन किया। अधिकारियों ने जिस दलान में बैठ दिनकर कविताएं लिखा करते थे उस दलान का भी निरीक्षण किया। ‘बेगूसराय की पहचान दिनकर से है’ दूसरी ओर समिति की ओर से दिनकर पुस्तकालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. रामाज्ञा शशिधर ने कहा कि सिमरिया को साहित्यिक तीर्थभूमि बनाने के लिए यहां के लोग वर्षों से लगे हुए हैं। एमएलसी सर्वेश कुमार ने कहा कि बेगूसराय की पहचान दिनकर से है। उन्होंने कहा कि दिनकर की कृतियां आज भी प्रासंगिक है। सिमरिया के विकास के लिए हमसब कृत संकल्पित हैं। तेघड़ा विधायक रजनीश कुमार ने कहा कि हमें राष्ट्रकवि दिनकर के क्षेत्र के प्रतिनिधि होने का गौरव प्राप्त है। दिनकर की रचनाएं आज भी प्रासंगिक है। गंगा नदी पर बने औटा-सिमरिया सिक्सलेन सड़क पुल का नाम बहुत जल्द दिनकर सेतू होगा। इस ओर प्रयास जारी है। शेक्सपियर के गांव की तर्ज पर सिमरिया का विकास होगा। पूर्व विधायक ललन कुंवर ने कहा कि सिमरिया का अब तक विकास नहीं हो पाया है। ‘दिनकर हमारे प्रेरणा स्रोत हैं’ कांग्रेस नेता संजय कुमार सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष विकास कुमार, समाजसेवी विश्वरंजन उर्फ राजू समेत कई वक्ताओं ने समारोह को संबोधित किया। राष्ट्रकवि दिनकर के पौत्र अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि दिनकर हमारे प्रेरणा स्रोत हैं। पत्रकार प्रवीण प्रियदर्शी ने दिनकर के गांव को साहित्यिक तीर्थभूमि बनाने की बात कही। कार्यक्रम में दिनकर के पौत्र अरविंद कुमार सिंह की ओर से लिखित पुस्तक दिनकर कवि कथा अनंता का लोकार्पण किया गया। अध्यक्षता दिनकर स्मृति विकास समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा और संचालन राजेश कुमार सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन अमरदीप सुमन ने किया। बच्चों को पुरस्कृत किया कार्यक्रम से पूर्व दिनकर अभिनय कला केंद्र के कलाकारों ने राधे कुमार के निर्देशन में रश्मिरथी का मंचन किया। मंचन में मुख्य रूप से कर्ण की भूमिका में श्रेष्ठा रानी, इंद्र की भूमिका में सुप्रिया कुमारी, सूत्रधार अमन राज, कृष्ण कुमार, अनुराग, सिम्मी कुमारी, साक्षी कुमारी, अमृता कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिनकर प्लस टू हाई स्कूल के छात्रों ने संगीत शिक्षक सुनील कुमार के नेतृत्व में स्वागत गान और दिनकर के गीत प्रस्तुत की। विद्यालय कार्यक्रम के चयनित बच्चों को पुरस्कृत किया। मौके पर रेखा कुमारी, विकास कुमार, सीओ हेमंत अंकुर, रामनाथ सिंह, कृष्ण नंदन पिंकू, अमर कुमार, प्रदीप कुमार, विनोद बिहारी, ऋत्विक उदयन, विश्वंभर सिंह, अवधेश कुमार पप्पू, शंभू प्रसाद सिंह, कृष्ण मुरारी, प्रियव्रत कुमार, संजीव फिरोज, जितेन्द्र झा, ललन कुमार सिंह, राजेन्द्र राय, यशस्वी आनंद, टिंकू मल्लिक एवं गोविंद गोपाल सहित उपस्थित थे। दिनकर के साहित्यिक योगदान को याद किया राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के अवसर पर जिला प्रशासन, कला एवं संस्कृति विभाग बिहार के संयुक्त तत्वावधान में जिले में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृति और उनके साहित्यिक योगदान को नमन करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर माल्यार्पण, व्याख्यान और सम्मान समारोह आयोजित किए गए। समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में व्याख्यान सत्र और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रश्मिरथी की प्रासंगिकता आज के समय में विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता प्रो. रविन्द्र कुमार वर्मा रवि, एवं प्रो. सिद्धेश्वर काश्यप ने राष्ट्रकवि दिनकर के साहित्य, उनकी कृतियों में निहित राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना एवं समकालीन संदर्भों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के साहित्यिक योगदान, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना और राष्ट्र के प्रति उनके विचारों को स्मरण किया गया।

