बेतिया के नौतन प्रखंड में नसबंदी के करीब एक साल बाद महिला के गर्भवती होने का मामला सामने आया है। बजरंगी बाजार वार्ड नंबर-2 निवासी कन्हैया कुमार की पत्नी प्रीति कुमारी ने मार्च 2025 में दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन के तहत बंध्याकरण कराया था। करीब एक साल बाद कमर में दर्द की शिकायत होने पर कराई गई जांच में उनके तीन माह की गर्भवती होने की बात सामने आई। रिपोर्ट देखकर पति-पत्नी दोनों हैरान रह गए। दो बच्चों के बाद लिया था परिवार नियोजन कन्हैया कुमार के अनुसार, उनके दो बच्चे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति और बच्चों की परवरिश को देखते हुए उन्होंने पत्नी की सहमति से परिवार नियोजन कराने का फैसला लिया था। इसके लिए दोनों नौतन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। 25 मार्च 2025 को हुआ था बंध्याकरण सभी जरूरी जांच के बाद प्रीति के बंध्याकरण की तारीख 25 मार्च 2025 तय हुई थी। तय तारीख पर कन्हैया अपनी पत्नी को लेकर नौतन CHC पहुंचे। वहां महिला चिकित्सक ने उनका बंध्याकरण किया। ऑपरेशन के बाद प्रीति को स्वस्थ हालत में घर भेज दिया गया। एक साल तक सब कुछ सामान्य रहा परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद करीब एक साल तक सब कुछ सामान्य रहा। दंपति अपने दोनों बच्चों की परवरिश में जुटे रहे। उन्हें किसी तरह की परेशानी का अंदाजा नहीं था। अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में प्रीति को कमर में तेज दर्द शुरू हुआ। इसके बाद पति उन्हें स्थानीय चिकित्सक के पास लेकर गए। डॉक्टर ने बेहतर जांच के लिए अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट ने उड़ाए होश अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट सामने आने के बाद पति-पत्नी के होश उड़ गए। कन्हैया के मुताबिक, रिपोर्ट में प्रीति के करीब तीन माह की गर्भवती होने की बात सामने आई। इसके बाद दंपति के सामने सवाल खड़ा हो गया कि बंध्याकरण के बाद गर्भ कैसे ठहरा। स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल कन्हैया का कहना है कि उन्होंने दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन का फैसला इसी उम्मीद में लिया था कि आगे परिवार नहीं बढ़ेगा। अब गर्भावस्था सामने आने के बाद पति-पत्नी स्वास्थ्य व्यवस्था और नसबंदी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं। CHC प्रभारी ने क्या कहा नौतन CHC प्रभारी डॉ. अमरेश कुमार के अनुसार, 25 मार्च 2025 को नौतन CHC में प्रीति का बंध्याकरण किया गया था। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन बेतिया के कमलनाथ नगर स्थित डॉ. सरोज वर्मा नर्सिंग होम की महिला चिकित्सक डॉ. आकांक्षा वर्मा ने किया था। उनके अनुसार, उस समय ऑपरेशन सफल रहा था और मरीज स्वस्थ थी। डॉक्टर ने बताया दुर्लभ मामला बंध्याकरण करने वाली डॉ. आकांक्षा वर्मा के अनुसार, नसबंदी के बाद गर्भधारण के मामले बेहद दुर्लभ होते हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर बंध्याकरण के बाद गर्भधारण की संभावना नहीं होती, लेकिन कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है। प्रीति का मामला भी इसी तरह का अपवाद हो सकता है। मुआवजे का भी है प्रावधान डॉ. आकांक्षा वर्मा के अनुसार, नसबंदी के बाद गर्भधारण की स्थिति में सरकार की ओर से मुआवजे का प्रावधान है। उन्होंने करीब 25 हजार रुपये की राशि मिलने की बात कही, हालांकि इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बंध्याकरण के बावजूद प्रीति गर्भवती कैसे हुईं। मामले में नसबंदी की प्रक्रिया, मेडिकल रिकॉर्ड और गर्भधारण की अवधि समेत अन्य बिंदुओं की जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बेतिया के नौतन प्रखंड में नसबंदी के करीब एक साल बाद महिला के गर्भवती होने का मामला सामने आया है। बजरंगी बाजार वार्ड नंबर-2 निवासी कन्हैया कुमार की पत्नी प्रीति कुमारी ने मार्च 2025 में दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन के तहत बंध्याकरण कराया था। करीब एक साल बाद कमर में दर्द की शिकायत होने पर कराई गई जांच में उनके तीन माह की गर्भवती होने की बात सामने आई। रिपोर्ट देखकर पति-पत्नी दोनों हैरान रह गए। दो बच्चों के बाद लिया था परिवार नियोजन कन्हैया कुमार के अनुसार, उनके दो बच्चे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति और बच्चों की परवरिश को देखते हुए उन्होंने पत्नी की सहमति से परिवार नियोजन कराने का फैसला लिया था। इसके लिए दोनों नौतन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। 25 मार्च 2025 को हुआ था बंध्याकरण सभी जरूरी जांच के बाद प्रीति के बंध्याकरण की तारीख 25 मार्च 2025 तय हुई थी। तय तारीख पर कन्हैया अपनी पत्नी को लेकर नौतन CHC पहुंचे। वहां महिला चिकित्सक ने उनका बंध्याकरण किया। ऑपरेशन के बाद प्रीति को स्वस्थ हालत में घर भेज दिया गया। एक साल तक सब कुछ सामान्य रहा परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद करीब एक साल तक सब कुछ सामान्य रहा। दंपति अपने दोनों बच्चों की परवरिश में जुटे रहे। उन्हें किसी तरह की परेशानी का अंदाजा नहीं था। अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में प्रीति को कमर में तेज दर्द शुरू हुआ। इसके बाद पति उन्हें स्थानीय चिकित्सक के पास लेकर गए। डॉक्टर ने बेहतर जांच के लिए अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट ने उड़ाए होश अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट सामने आने के बाद पति-पत्नी के होश उड़ गए। कन्हैया के मुताबिक, रिपोर्ट में प्रीति के करीब तीन माह की गर्भवती होने की बात सामने आई। इसके बाद दंपति के सामने सवाल खड़ा हो गया कि बंध्याकरण के बाद गर्भ कैसे ठहरा। स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल कन्हैया का कहना है कि उन्होंने दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन का फैसला इसी उम्मीद में लिया था कि आगे परिवार नहीं बढ़ेगा। अब गर्भावस्था सामने आने के बाद पति-पत्नी स्वास्थ्य व्यवस्था और नसबंदी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं। CHC प्रभारी ने क्या कहा नौतन CHC प्रभारी डॉ. अमरेश कुमार के अनुसार, 25 मार्च 2025 को नौतन CHC में प्रीति का बंध्याकरण किया गया था। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन बेतिया के कमलनाथ नगर स्थित डॉ. सरोज वर्मा नर्सिंग होम की महिला चिकित्सक डॉ. आकांक्षा वर्मा ने किया था। उनके अनुसार, उस समय ऑपरेशन सफल रहा था और मरीज स्वस्थ थी। डॉक्टर ने बताया दुर्लभ मामला बंध्याकरण करने वाली डॉ. आकांक्षा वर्मा के अनुसार, नसबंदी के बाद गर्भधारण के मामले बेहद दुर्लभ होते हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर बंध्याकरण के बाद गर्भधारण की संभावना नहीं होती, लेकिन कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है। प्रीति का मामला भी इसी तरह का अपवाद हो सकता है। मुआवजे का भी है प्रावधान डॉ. आकांक्षा वर्मा के अनुसार, नसबंदी के बाद गर्भधारण की स्थिति में सरकार की ओर से मुआवजे का प्रावधान है। उन्होंने करीब 25 हजार रुपये की राशि मिलने की बात कही, हालांकि इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बंध्याकरण के बावजूद प्रीति गर्भवती कैसे हुईं। मामले में नसबंदी की प्रक्रिया, मेडिकल रिकॉर्ड और गर्भधारण की अवधि समेत अन्य बिंदुओं की जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

