Biswajit Chatterjee On Dharmendra Jeetendra and Vinod Khanna: 60 और 70 के दशक के मशहूर और हैंडसम अभिनेताओं में शुमार बिस्वजीत चटर्जी (Biswajit Chatterjee) ने अपनी शानदार एक्टिंग से हिंदी और बंगाली सिनेमा पर लंबे समय तक राज किया है। ANI के एक खास इंटरव्यू में 87 साल के दिग्गज अभिनेता पुरानी यादों में खो गए। उन्होंने अपने दौर की फिल्म इंडस्ट्री, को-स्टार्स संग रिश्ते और उस समय के शूटिंग कल्चर को लेकर कई दिलचस्प और मजेदार खुलासे किए, जिन्हें जानकर आज के समय के सिनेमा प्रेमी भी हैरान रह सकते हैं।
बिस्वजीत चटर्जी ने पुराने जमाने की यादें की ताजा
आजकल फिल्मों में स्टार्स के बीच आपसी खींचतान और कॉम्पिटिशन की खबरें आती रहती हैं। वहीं, बिस्वजीत चटर्जी ने ANI संग खास बातचीत में अपने जमाने के ‘हेल्दी कॉम्पिटिशन’ (Healthy Competition) को याद किया और शानदार उदाहरण भी दिया।
बिस्वजीत चटर्जी ने कहा, “प्रतिस्पर्धा तो हमारे समय में भी थी, लेकिन वह बहुत ही स्वस्थ और पॉजिटिव कॉम्पिटिशन था। हम एक-दूसरे के काम की दिल से तारीफ करते थे। हम आपस में यही कहते थे कि ‘दोस्त, तूने बहुत बेहतरीन काम किया है, लेकिन अगली बार मैं तुझसे भी बेहतर परफॉर्म करके दिखाऊंगा!’ उसमें कोई कड़वाहट नहीं होती थी।”
बिस्वजीत चटर्जी ने बताया 3 स्टार्स ने एक कमरे में किया था मेकअप
बिस्वजीत चटर्जी ने फिल्मिस्तान स्टूडियो में अपनी शूटिंग के दिनों की एक यादगार और हंसी-खुशी से भरी घटना शेयर की। उन्होंने बताया कि उन दिनों आज जैसी लग्जरी सुविधाएं और लग्जरियस वैनिटी वैन (Vanity Van) नहीं हुआ करती थीं।
किस्सा सुनाते हुए बिस्वजीत चटर्जी ने बताया, “एक बार हम फिल्मिस्तान में शूटिंग कर रहे थे। उस दिन स्टूडियो के सभी मेकअप रूम्स अभिनेत्रियों (Heroines) ने ले रखे थे। प्रोडक्शन कंट्रोलर आया और बोला कि आज किसी हीरो के लिए कोई मेकअप रूम खाली नहीं है। जीतू (जीतेंद्र) हॉल में नीचे एक लंबी जगह पर बैठकर अपना मेकअप करवा रहे थे। उन्होंने मुझे देखा और बुलाया- ‘बिश्व जी, यहां आकर बैठिए, बातें करते हैं।’ थोड़ी देर में वहां धर्मेंद्र भी आ गए और फिर विनोद खन्ना भी वहीं पहुंच गए। उस दिन हम चारों अभिनेताओं ने एक ही कमरे में हंसते-खेलते मेकअप किया था।”
“पेड़ के नीचे बैठकर भी किया मेकअप, वो दौर ही अलग था”
वैनिटी वैन की कमी का जिक्र करते हुए बिस्वजीत जी ने आगे बताया कि एक बार ऐसा वक्त भी आया था जब उन्हें फिल्मिस्तान स्टूडियो में एक बड़े पेड़ की छांव में बैठकर मेकअप करना पड़ा था। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वह एक अलग ही जिंदगी और अलग तरह का काम करने का जुनून था, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
बता दें, बिस्वजीत चटर्जी ने ‘बीस साल बाद’, ‘किस्मत’ और ‘नाइट इन लंदन’ जैसी कई सुपरहिट हिंदी फिल्मों में काम किया है। वहीं बंगाली सिनेमा में ‘चौरंगी’, ‘गढ़ नसीमपुर’ और ‘कुहेली’ जैसी कालजयी फिल्में उनके नाम दर्ज हैं। बाद में उन्होंने निर्देशन में भी हाथ आजमाया। उनके बेटे प्रोसेनजीत चटर्जी और बेटी पल्लवी चटर्जी आज बंगाली सिनेमा के जाने-माने नाम हैं।

