सुलतानपुर नगर पालिका परिषद में तैनात राजस्व निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह पर गृहकर, जलकर और दूसरे शुल्कों की वसूली में बड़े पैमाने पर हेरफेर और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। पूर्व सभासद सज्जाद खां ने इस मामले में जिलाधिकारी (डीएम) को शिकायत पत्र भेजकर विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। नगर पालिका के नियमों के मुताबिक, असेसमेंट रजिस्टर के कॉलम नंबर 05 में भवन में रहने वाले व्यक्ति, संस्था या किराएदार का नाम और मासिक किराया लिखना जरूरी होता है। इसी आधार पर गृहकर और जलकर तय होता है। आरोप है कि राजस्व निरीक्षक सही जानकारी दर्ज नहीं कर रहे हैं। राजस्व निरीक्षक पर आरोप है कि उन्होंने भवन मालिकों से मिलीभगत की है। उन्होंने बैंक, मॉल, होटल, गेस्ट हाउस, प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम, मैरिज लॉन और बड़े शोरूम जैसे प्रतिष्ठानों पर तय मानक से बहुत कम टैक्स लगाया है। असेसमेंट रजिस्टर में पहले से तय किए गए टैक्स को काटकर कम करने का भी आरोप है। करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा नियमों के मुताबिक, हर 5 साल में (और नए सरकारी आदेश के अनुसार अब हर 2 साल में) सभी भवनों का दोबारा मूल्यांकन करना जरूरी है। इससे पालिका की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। आरोप है कि राजस्व निरीक्षक ने इस सरकारी आदेश का पालन नहीं किया, जिससे पालिका को हर साल करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस मामले में बड़े अधिकारी भी चुप हैं। राजस्व निरीक्षक पर यह भी आरोप है कि वे टैक्स वसूली में कोई दिलचस्पी नहीं लेते और बकायादारों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करते। नियमों के अनुसार, पार्किंग का ठेका एक महीने पहले एडवांस जमा करने पर दिया जाता है। अगर एडवांस जमा न हो तो ठेका रद्द करने का नियम है। आरोप है कि ठेकेदार पर दो महीने का बकाया होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। लाखों रुपये का स्टाम्प शुल्क भी जमा नहीं कराया गया। ….

