पाली में जलझूलनी एकादशी के अवसर पर मंगलवार शाम विभिन्न समाजों की ओर से ठाकुरजी की रेवाड़ियां गाजे-बाजे के साथ सिरेघाट तालाब पहुंचीं। हाथी-घोड़ा पालकी के साथ श्रद्धालु ‘जय कन्हैया लाल की’, ‘राधे-कृष्णा’ और ‘गोपाल-कृष्णा’ के जयकारे लगाते हुए ठाकुरजी को जल विहार के लिए लेकर पहुंचे। सिरेघाट तालाब में ठाकुरजी की प्रतिमाओं को स्नान करवाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में शहरवासी भी आयोजन देखने के लिए पहुंचे। सुरक्षा के लिए पुलिस जाब्ता तैनात शाम करीब 5 बजे से विभिन्न समाजों की रेवाड़ियां गाजे-बाजे के साथ सिरेघाट पहुंचनी शुरू हुईं। यहां ठाकुरजी की प्रतिमा को स्नान करवाने के बाद सरोवर के जल का पूजन भी किया गया। महिलाओं की टोलियां भजन-कीर्तन करती नजर आईं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस जाब्ता भी तैनात रहा। रेवाड़ी के नीचे से निकले महिलाएं और बच्चे धार्मिक आयोजन के दौरान महिलाएं और बच्चे रेवाड़ी के नीचे से निकलते नजर आए। वहीं कई श्रद्धालु रेवाड़ी पर केले सहित अन्य फल चढ़ाते दिखे। मान्यता है कि रेवाड़ी के नीचे से गुजरने से बीमारियां कम होती हैं। देवझूलनी एकादशी के बाद बरसात समाप्त होने की भी मान्यता है। सिरेघाट पर गंदगी से श्रद्धालु नाराज सिरेघाट पर मंगलवार शाम बड़ा धार्मिक आयोजन होने के बावजूद साफ-सफाई की व्यवस्था माकूल नहीं होने से श्रद्धालुओं में नाराजगी दिखाई दी। सिरेघाट के किनारे प्लास्टिक, फूल-मालाएं और पूजन सामग्री बिखरी पड़ी थी। ऐसे में कई श्रद्धालुओं ने तालाब किनारे साफ पानी से भरे ड्रम में ठाकुरजी की प्रतिमाओं को स्नान करवाया। श्रद्धालुओं ने आयोजन स्थल पर बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था की जरूरत बताई।

