छोटी ग्वालटोली थाना क्षेत्र में आर्मी के लिए वार्निश सप्लाई का ऑर्डर देने के नाम पर व्यापारी से 8 लाख 55 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को फोर्स का अधिकारी बताकर व्यापारी को विश्वास में लिया और फर्जी दस्तावेज व नंबर भेजकर उसके खाते से अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली। ठगी का पता माल भेजने के बाद चला। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छोटी ग्वालटोली पुलिस के मुताबिक, प्रवीण कुमार मोदी का वृंदा एंटरप्राइजेज नाम से ऑफिस है, जहां ट्रेडिंग का काम होता है। प्रवीण ने शिकायत में बताया कि 16 सितंबर को उनके मोबाइल पर कुणाल चौधरी नाम के व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को फोर्स का अधिकारी बताते हुए कहा कि आर्मी में वार्निश की जरूरत है। इसके बाद आरोपी ने वार्निश का फोटो भेजने के साथ महू आर्मी का नाम, पता और GST नंबर भेजा। व्यापारी को दस्तावेज सही लगे तो आरोपी ने प्रोफॉर्मा बिल बनाकर भेज दिया। इसके बाद ऑर्डर भी कन्फर्म कर दिया गया और अगले दिन माल भेजने की बात कही। GST नंबर सही निकला तो व्यापारी को हुआ भरोसा आरोपी ने व्यापारी से माल लोडिंग गाड़ी से भेजने को कहा। प्रवीण ने महू आर्मी के पर्चेस ऑर्डर में दिए GST नंबर को पोर्टल पर चेक किया तो वह सही मिला। इसके बाद आरोपी ने कैंटीन महू का नंबर देकर वेंडर वेरिफिकेशन कराने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद ऑर्डर की रकम देने के नाम पर आरोपी ने व्यापारी से उतनी ही रकम का ट्रांजैक्शन करने को कहा। उसकी बातों में आकर प्रवीण के बैंक खाते से अलग-अलग खातों में 8.55 लाख रुपए ट्रांसफर हो गए। माल भेजने पर खुला फर्जी ऑर्डर का राज रकम ट्रांसफर करने के बाद जब व्यापारी ने माल भेजा तो पता चला कि महू आर्मी की ओर से ऐसा कोई ऑर्डर जारी ही नहीं किया गया था। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला। व्यापारी ने छोटी ग्वालटोली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

