Dubai Life: दुबई में नौकरी करने और विदेश में बेहतर जिंदगी का सपना देखने वालों के लिए एक भारतीय शख्स का अनुभव चर्चा में है। कोलकाता के रहने वाले राहुल बाला ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए वीडियो में दुबई की महंगी जिंदगी और कम बचत को लेकर अपना अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि भारत से बाहर जाना उनका सपना था, लेकिन दुबई पहुंचने के बाद उन्हें लगा कि विदेश में रहना इतना आसान नहीं है। साथ ही राहुल ने विदेश जाने की सोच रहे युवाओं को सलाह दी है कि वे दुबई जाने से पहले दो बार जरूर सोचें।
‘इंडिया में ही मैं सही था’
शेफ का काम करने वाले राहुल बाला ने अपने व्लॉग में अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि मैं अभी दुबई में हूं और यहां आने के बाद मुझे लग रहा है कि मैं भारत में ही सही था। देश से बाहर जाना मेरा सपना जरूर था, जो पूरा भी हुआ, लेकिन अब समझ आ रहा है कि अपना भारत ही सबसे अच्छा है।
रुपये में दिखती है बड़ी सैलरी, पर खर्च भी उतने ही भारी
दुबई में रहने के खर्चों का जिक्र करते हुए राहुल ने बताया कि जब वहां की करेंसी (दिरहम) को भारतीय रुपये में बदला जाता है, तो सैलरी काफी बड़ी लगती है। लेकिन दुबई के महंगे लाइफस्टाइल में यह रकम बहुत तेजी से खत्म हो जाती है। उसने रोजाना के उदाहरण देते हुए बताया कि वहां आम आदमी के लिए पीने का पानी तक खरीदना पड़ता है। एक वक्त के साधारण भोजन का बिल कम से कम 10 दिरहम (लगभग 260 रुपये) आता है। ऐसे में रोजमर्रा के छोटे-छोटे खर्चे मिलकर महीने के अंत में बड़ा बोझ बन जाते हैं।
कितनी होती है असल बचत?
राहुल ने वहां रहने वाले आम कर्मचारियों की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि अगर कोई व्यक्ति दुबई में महीने के 2,500 दिरहम (भारतीय रुपये में करीब 70,000 रुपये) कमाता है, तो खर्चे निकालने के बाद वह मुश्किल से 1,500 दिरहम ही बचा पाता है। महंगे किराए और खान-पान के बाद घर पैसे भेजना काफी मुश्किल हो जाता है। राहुल का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से देखा जा रहा है और कई प्रवासी भारतीय उनके इस अनुभव से सहमति जता रहे हैं।

