Macron Trump Ukraine Russia: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अब ऊर्जा ढांचे पर हमलों को रोकने की पहल ने कूटनीतिक हलचल बढ़ा दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात में इसी मुद्दे पर चर्चा की। बातचीत का फोकस केवल हमले रोकने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूक्रेन की हवाई सुरक्षा मजबूत करने और यूरोप की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी रहा। मैक्रों अब यही प्रस्ताव यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के सामने भी रखने वाले हैं।
Macron Trump Meeting: मैक्रों और ट्रंप की मुलाकात में ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों को लेकर एक संभावित ठहराव की कोशिश ने नया मोड़ लिया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान यूक्रेन और रूस के बीच ऊर्जा क्षेत्र में हमले रोकने की संभावनाओं पर बातचीत की। मैक्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन संकट को लेकर लंबी और रचनात्मक चर्चा हुई।
यूक्रेन की हवाई सुरक्षा और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर
मैक्रों ने कहा कि बातचीत में यूक्रेन की रक्षा क्षमता बढ़ाने पर भी जोर रहा। खासतौर पर उन्होंने इंटरसेप्टर मिसाइलों की जरूरत का उल्लेख किया। उनके अनुसार, यूक्रेन को हवाई हमलों से बचाने के लिए तेज और अधिक प्रभावी रक्षात्मक सहायता महत्वपूर्ण है।
बैठक का दूसरा अहम पहलू ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने का विचार रहा। मैक्रों ने इस प्रस्ताव की विस्तृत शर्तों का खुलासा नहीं किया, लेकिन संकेत दिया कि वह यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ अपनी अगली बैठक में इस विषय को उठाएंगे।
यह पहल ऐसे समय सामने आई है जब दोनों पक्षों के ऊर्जा ढांचे पर हमले युद्ध के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार को भी प्रभावित कर रहे हैं। रूस की रिफाइनरियों और तेल प्रतिष्ठानों पर यूक्रेनी हमलों तथा यूक्रेन के बिजली और गैस ढांचे पर रूसी हमलों ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। हाल के दिनों में वैश्विक डीजल कीमतों में भी तेज उछाल दर्ज किया गया है।
युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता और दोनों पक्षों का रुख
हालांकि, ऊर्जा युद्धविराम को लेकर अभी कोई अंतिम और औपचारिक समझौता सामने नहीं आया है। इससे पहले ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने की सहमति की बात कही थी, लेकिन यूक्रेन ने स्पष्ट किया था कि किसी औपचारिक व्यवस्था की पुष्टि नहीं हुई है। जेलेंस्की ने कहा था कि यदि रूस यूक्रेनी ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकता है तो कीव भी जवाबी कार्रवाई रोकने को तैयार है।
रूस की ओर से भी प्रस्ताव को सकारात्मक विचार बताया गया था, हालांकि क्रेमलिन ने ऊर्जा हमलों के साथ-साथ तेल निर्यात और प्रतिबंधों जैसे दूसरे मुद्दों को भी जोड़ने की बात कही थी।
मैक्रों का कहना है कि यूक्रेन की ऊर्जा व्यवस्था की सुरक्षा यूरोपीय सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान इस मुद्दे पर आगे बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। अब निगाहें मैक्रों-जेलेंस्की बातचीत और इस प्रस्ताव पर रूस की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

