फर्रुखाबाद की सदर तहसील परिसर स्थित उप निबंधन कार्यालय में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे फर्जी आधार कार्ड के जरिए जमीन का बैनामा कराने का मामला सामने आया। उप निबंधक ने दस्तावेजों की जांच के दौरान पकड़ लिया। पुलिस जमीन बेचने वाले युवक, खरीदार और बिचौलिए को पकड़कर थाने ले गई, हालांकि देर शाम बिना तहरीर मिले ही तीनों को हिदायत देकर छोड़ दिया गया। स्कैनर से दूसरे का आधार एडिट कर बनाया फर्जी कार्ड कमालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक अपनी 2 डिसमिल जमीन फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति को बेच रहा था। रजीपुर का एक युवक इसमें मध्यस्थता कर रहा था। विक्रेता के पास खुद का आधार कार्ड नहीं था, सिर्फ वोटर आईडी थी। उसने किसी अन्य व्यक्ति के आधार कार्ड को स्कैन करवाकर उस पर अपना नाम दर्ज करवा लिया और फर्जी प्रिंटआउट तैयार करवा लिया। उप निबंधक ने पकड़ा फर्जीवाड़ा, बुलाई पुलिस सोमवार को बैनामे की प्रक्रिया के दौरान जब दस्तावेज जमा किए गए, तो उप निबंधक रविकांत ने फर्जी आधार कार्ड को तुरंत पहचान लिया। उन्होंने तत्काल मऊदरवाजा थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंचकर तीनों युवकों को पकड़कर थाने ले आई और पूछताछ की। कबूली गलती; तहरीर न मिलने पर शाम को छोड़ा थाने में पूछताछ के दौरान युवक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उप निबंधक ने स्पष्ट किया कि जमीन का असली मालिक वही युवक था, लेकिन पहचान पत्र का तरीका गलत (फर्जी) था। देर शाम अधिकारी द्वारा कोई लिखित शिकायत न दिए जाने पर पुलिस ने तीनों को छोड़ दिया। “जमीन बेचने वाला व्यक्ति तो असली था, लेकिन आधार कार्ड फर्जी पाए जाने के कारण उसे पुलिस के हवाले किया गया था।”— रविकांत, उप निबंधन अधिकारी, सदर तहसील”उप निबंधक की सूचना पर पुलिस तीनों को थाने लाई थी। विभागीय स्तर से कोई लिखित शिकायत न मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया।”— अजब सिंह, थानाध्यक्ष, मऊदरवाजा

