IIT बॉम्बे के छात्र की मौत पर यूथ कांग्रेस का बड़ा आरोप, जीनत शबरीन बोलीं- डर के साये में हैं छात्र, मिल रही धमकी

IIT बॉम्बे के छात्र की मौत पर यूथ कांग्रेस का बड़ा आरोप, जीनत शबरीन बोलीं- डर के साये में हैं छात्र, मिल रही धमकी

Sahil Wakode Death: यूथ कांग्रेस अध्यक्ष जीनत शबरीन ने IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े की संदिग्ध मौत को लेकर संस्थान की कार्यप्रणाली और छात्रों पर कथित दबाव को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कई छात्र डर की वजह से खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। उन्हें नौकरी व भविष्य को लेकर धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।

साहिल वाकोड़े के साथ हुई घटना बेहद दुखद

शबरीन ने कहा कि साहिल वाकोड़े के साथ हुई घटना बेहद दुखद है और यह पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े करती है। उनके मुताबिक, जिन छात्रों से बातचीत हुई है, वे सामने आने से डर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्र अंदर ही अंदर विरोध कर रहे हैं, लेकिन उन पर काफी दबाव है। उन्हें कथित तौर पर यह कहा जा रहा है कि अगर वे विरोध करेंगे तो आगे नौकरी कैसे मिलेगी और उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि मामले में जिस प्रोफेसर पर आरोप लगे हैं, उन्हें डीन के पद से तो हटा दिया गया है, लेकिन वे अभी भी फैकल्टी का हिस्सा हैं। शबरीन ने मांग की कि जांच पूरी होने तक उन्हें संस्थान के सभी पदों से हटाया जाना चाहिए, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।

डीन के पद से तत्काल प्रभाव से हटाया

दरअसल IIT बॉम्बे ने सोमवार 21 सितंबर को प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को डीन के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर श्रीरेश केदारे की ओर से जारी आधिकारिक ई-मेल में यह जानकारी दी गई। यह फैसला 22 वर्षीय बीटेक छात्र साहिल रविंद्र वाकोड़े की मौत के बाद लिया गया है। साहिल वाकोड़े IIT बॉम्बे के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग में दूसरे वर्ष के छात्र थे। 18 सितंबर की शाम उन्हें संस्थान के पवई परिसर में स्थित होटल के कमरे में मृत पाया गया था। IIT बॉम्बे की शुरुआती जानकारी के अनुसार, परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के मामले में साहिल के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।

परिवार ने लगाया आरोप

साहिल के परिवार ने आरोप लगाया कि उसे संस्थान में उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। परिवार के इन आरोपों के बाद IIT बॉम्बे परिसर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने दावा किया कि साहिल को निलंबित किए जाने को लेकर धमकियां दी गईं थीं। मामले में साहिल के माता-पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। पुलिस के अनुसार मामले में एक प्रोफेसर को आरोपी बनाया गया है। केस की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है।

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