CEO जितेंद्र मिश्रा ने संभाली राम मंदिर का कामकाज:मंदिर परिसर में ही कार्यालय और आवास की रहेगी व्यवस्था, राम लला का किया दर्शन

CEO जितेंद्र मिश्रा ने संभाली राम मंदिर का कामकाज:मंदिर परिसर में ही कार्यालय और आवास की रहेगी व्यवस्था, राम लला का किया दर्शन

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में सोमवार से नया अध्याय शुरू हो गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा ने आधिकारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया। अब वह नियमित रूप से अयोध्या में रहकर मंदिर की व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। सोमवार को राम मंदिर पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले राम लला और फिर राम दरबार में दर्शन पूजन किया। इसके बाद अपनी जिम्मेदारी को संभाला। जितेंद्र मिश्रा के लिए मंदिर परिसर के भीतर कार्यालय की व्यवस्था की गई है। उनके आवास की व्यवस्था भी परिसर में ही की गई है। इससे रोजाना की व्यवस्थाओं की निगरानी सीधे मौके से हो सकेगी। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय भी आसान होगा। जरूरत के अनुसार मौके पर ही निर्देश दिए जा सकेंगे। CEO के रूप में उनके सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में श्रद्धालुओं की सुविधाएं शामिल रहेंगी। मंदिर में रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में दर्शन व्यवस्था, कतार प्रबंधन और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार निगरानी जरूरी होगी। सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की भी नियमित समीक्षा की जाएगी। चढ़ावा और गणना व्यवस्था भी निगरानी में जितेंद्र मिश्रा ने अपने पहले प्रवास में यात्री सुविधा केंद्र और चढ़ावे की गणना से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया था। उन्होंने कर्मचारियों से अपने काम को पूरी निष्ठा से करने और समस्या होने पर जानकारी देने को कहा था। मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी हालिया चोरी की जांच के बीच प्रशासनिक निगरानी भी महत्वपूर्ण हो गई है। ट्रस्ट की ओर से कर्मचारियों और आंतरिक व्यवस्थाओं को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में कर्मचारियों से उनकी शैक्षिक योग्यता और अन्य जानकारियां भी मांगे जाने की जानकारी सामने आई है। भीड़ से लेकर उत्सवों तक चुनौती राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के बीच भीड़ प्रबंधन बड़ी जिम्मेदारी होगी। वीआईपी मूवमेंट, कतार व्यवस्था और विशेष पर्वों पर अतिरिक्त इंतजाम भी CEO की प्राथमिकताओं में रहेंगे। मंदिर निर्माण से जुड़े शेष कार्यों और संचालन व्यवस्था का समन्वय भी उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा होगा। ट्रस्ट ने जितेंद्र मिश्रा को पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया है। सितंबर की शुरुआत में उनकी नियुक्ति की घोषणा हुई थी। अब उनके अयोध्या में नियमित रूप से रहने के साथ मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को मौके से संचालित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। फैसलों की निगरानी अब मौके से जितेंद्र मिश्रा के स्थायी रूप से अयोध्या में रहने से मंदिर की रोजाना की व्यवस्थाओं की समीक्षा नियमित रूप से होने की उम्मीद है। अधिकारियों के साथ समन्वय और समस्याओं के तत्काल समाधान पर भी फोकस रहेगा। राम मंदिर की व्यवस्था अब बड़े स्तर पर विस्तार ले रही है। ऐसे में CEO की भूमिका सिर्फ प्रशासनिक निगरानी तक सीमित नहीं होगी। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, कर्मचारियों की

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