जसोलधाम में दशमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब:पचपदरा से 2700 श्रद्धालु पहुंचे, तीन चरणों में कराए दर्शन; CCTV और जिग-जैग कतारों से व्यवस्था संभाली

जसोलधाम में दशमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब:पचपदरा से 2700 श्रद्धालु पहुंचे, तीन चरणों में कराए दर्शन; CCTV और जिग-जैग कतारों से व्यवस्था संभाली

जसोल में श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान में भाद्रपद शुक्ल पक्ष की दशमी पर दिनभर भक्ति और आस्था का माहौल रहा। सुबह मंगला आरती के साथ ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। हजारों भक्तों ने कतार में लगकर लोकआस्था की देवी श्री राणीसा भटियाणीसा सहित मंदिर परिसर स्थित सभी देवालयों के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। दशमी के अवसर पर पचपदरा से करीब 2700 श्रद्धालुओं का बड़ा संघ जसोलधाम पहुंचा। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए संघ की व्यवस्था टीम और मंदिर संस्थान ने दर्शन व्यवस्था को तीन चरणों में बांटा। पहले चरण में करीब 700, दूसरे में 900 और तीसरे चरण में करीब 1100 श्रद्धालु अलग-अलग समय पर मंदिर पहुंचे। इससे सामान्य दर्शन व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन करवाए गए। संघ के श्रद्धालुओं ने सबसे पहले प्रसाद स्थल पर पहुंचकर श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाई सिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी और श्री काला-गौरा भैरूजी को प्रसाद चढ़ाया। इसके बाद जिग-जैग कतारों से आगे बढ़कर प्रसाद टोकन लिए और निर्धारित दर्शन मार्ग से मंदिर परिसर पहुंचे। दर्शन के बाद पैदल पुल से धर्मशाला परिसर की ओर निकले। 45 सदस्यीय व्यवस्था टीम का स्वागत धर्मशाला परिसर में संस्थान के प्रवक्ता हरिशचंद्र सिंह जसोल ने संघ की व्यवस्था संभाल रही 45 सदस्यीय टीम का माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान टीम के साथ ग्रुप फोटो भी लिया गया। कार्यक्रम में जसोल सर्व समाज के साथ बालोतरा और मालाणी क्षेत्र के लोग भी मौजूद रहे। संघ की मुख्य व्यवस्था टीम ने बताया कि पिछले 13 वर्षों से संघ जसोलधाम आ रहा है। इस दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं और दर्शन व्यवस्था में लगातार बदलाव देखने को मिला है। इस बार भी संस्थान और संघ की टीम के समन्वय से श्रद्धालुओं ने अनुशासित तरीके से दर्शन किए। CCTV और पब्लिक अनाउंसमेंट से निगरानी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए संस्थान ने प्रवेश से लेकर दर्शन और निकासी तक व्यापक इंतजाम किए। पूरे परिसर की CCTV कैमरों से लगातार निगरानी की गई। पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए श्रद्धालुओं को जरूरी सूचनाएं और मार्गदर्शन दिया जाता रहा। जिग-जैग कतार व्यवस्था, प्रसाद टोकन प्रणाली, छायादार शेड और मिस्टिंग सिस्टम की व्यवस्था की गई। बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर तथा जरूरत के अनुसार गोल्फ कार्ट की सुविधा भी उपलब्ध रही। पेयजल, विश्राम स्थल, धर्मशाला और भोजन प्रसादी की व्यवस्थाएं भी की गईं। नवमी की रात जागरण में भजनों और गैर की धूम दशमी से पहले भाद्रपद शुक्ल पक्ष नवमी की रात मंदिर परिसर में विशेष जागरण हुआ। बाड़मेर जिले के हड़वा गांव के मांगणियार कलाकार कुटला खान और उनकी टीम ने श्री राणीसा भटियाणीसा सहित अन्य देवालयों के भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों के साथ पारंपरिक गैर नृत्य ने मालाणी की लोक संस्कृति की झलक पेश की। दशमी की रात भी विशेष जागरण का आयोजन किया जाएगा। ‘सुरक्षित और सुगम दर्शन करवाना प्राथमिकता’ संस्थान के प्रवक्ता कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि विशेष तिथियों पर जसोलधाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रत्येक भक्त को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन करवाना संस्थान की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पचपदरा से आए संघ ने अनुशासन और समन्वय के साथ दर्शन कर व्यवस्थाओं में सहयोग किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से निर्धारित व्यवस्थाओं में सहयोग करने और श्री राणीसा भटियाणीसा सहित सभी देवालयों के दर्शन कर आशीर्वाद लेने की अपील की। साथ ही दशमी के अवसर पर सभी श्रद्धालुओं के मंगल, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

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