सुल्तानपुर जिले के परिषदीय शिक्षकों की कई पुरानी समस्याओं के समाधान के लिए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का आंदोलन सफल रहा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता की पहल पर सोमवार 4 बजे तक लंबी बातचीत हुई। इसके बाद वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय ने शिक्षकों की समस्याओं को समय पर हल करने की कार्ययोजना जारी की। इस पर शिक्षक संघ ने 22 सितंबर को होने वाला धरना-प्रदर्शन टाल दिया। जनपदीय प्रवक्ता निज़ाम खान ने बताया कि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिलाध्यक्ष दिलीप पाण्डेय की अगुवाई में 15 सितंबर को वित्त एवं लेखाधिकारी राम बचन राम को 10 मांगों का ज्ञापन दिया था। संघ ने चेतावनी दी थी कि अगर 21 सितंबर तक समस्याओं का हल नहीं हुआ, तो 22 सितंबर को वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। शिक्षक संघ से प्रस्तावित धरना टालने की अपील शिक्षक संघ के ज्ञापन और नोटिस को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के स्टाफ और प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों को अपने दफ्तर में बातचीत के लिए बुलाया। घंटों चली इस बातचीत में शिक्षकों की अलग-अलग समस्याओं पर एक-एक करके चर्चा हुई। निज़ाम खान ने बताया कि बातचीत के दौरान कई पुरानी मांगों जैसे बचे हुए भुगतान, सामूहिक बीमा, ग्रेच्युटी, जीपीएफ लेजर, लेखा पर्ची और प्रान नंबर आवंटन के समाधान के लिए एक तय समय-सीमा वाली कार्ययोजना पर सहमति बनी। वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय ने समस्याओं के समाधान की कार्ययोजना जारी करते हुए शिक्षक संघ से प्रस्तावित धरना टालने की अपील की। इसके बाद उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने आपस में बात करके और संघर्ष समिति की सहमति से 22 सितंबर को होने वाला धरना-प्रदर्शन टालने का फैसला किया। संघ के पदाधिकारियों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि गुप्ता ने शिक्षकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाई और बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में अच्छी पहल की है।

