सहरसा की पार्श्वगायिका श्रद्धा श्री ने जी टीवी के चर्चित संगीत रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा’ के टॉप-12 में जगह बनाकर कोसी-मिथिलांचल का नाम राष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से सहरसा समेत पूरे मिथिलांचल में खुशी का माहौल है। शो के एपिसोड में श्रद्धा श्री की गायकी ने दर्शकों के साथ-साथ जजों को भी प्रभावित किया। उनकी प्रस्तुति के दौरान कुमार सानू, शंकर महादेवन, जावेद अली, नीति मोहन और श्रेयस तलपड़े ने उनकी आवाज, सुर, ताल और गायकी की सराहना की। संगीत की समृद्ध विरासत से जुड़ा परिवार श्रद्धा को संगीत की विरासत परिवार से मिली है। वह सहरसा के न्यू कॉलोनी निवासी कृषि विभाग से सेवानिवृत्त भृगुनंदन ठाकुर की पोती हैं। उनके नाना स्वर्गीय भागवत मिश्र ‘वियोगी’ बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में चर्चित गायक रहे हैं। परिवार के कई सदस्य संगीत से जुड़े बिहार की लोकगायिका रंजना झा श्रद्धा की बड़ी मौसी हैं। उनके चाचा अमृतराज ठाकुर और निखिल ठाकुर भी गायक के रूप में देश-विदेश में पहचान बना चुके हैं। उनके फूफा गोविंद प्रसन्न सरस्वती भी जाने-माने संगीतकार हैं। बचपन से संगीत के प्रति समर्पित श्रद्धा की ‘सा रे गा मा पा’ के टॉप-12 तक पहुंचने की उपलब्धि उनके वर्षों के संगीत साधना का परिणाम है। वह इससे पहले ‘आई जीनियस’ प्रतियोगिता जीत चुकी हैं। इस प्रतियोगिता में उन्हें मशहूर संगीतकार सलीम मर्चेंट ने सम्मानित किया था। सिंगापुर में रिकॉर्ड किया इंटरनेशनल एल्बम ‘आई जीनियस’ प्रतियोगिता जीतने के बाद श्रद्धा को सिंगापुर जाने का अवसर मिला, जहां उन्होंने एक इंटरनेशनल म्यूजिक एल्बम के लिए रिकॉर्डिंग की। श्रद्धा अपने पिता राज कुमार ठाकुर और माता वंदना ठाकुर की इकलौती संतान हैं। उनकी मां दिल्ली के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में संगीत शिक्षिका हैं। उन्होंने श्रद्धा के संगीत हुनर को बचपन से निखारने में अहम भूमिका निभाई। दिल्ली विश्वविद्यालय से की पढ़ाई श्रद्धा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी विषय में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में वह दिल्ली में रहकर देश-विदेश के विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी गायकी का प्रदर्शन करती हैं। श्रद्धा के ‘सा रे गा मा पा’ के टॉप-12 में पहुंचने की खबर से सहरसा के कला प्रेमियों और संगीतप्रेमियों में उत्साह है। बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी है और आगे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई है। कोसी-मिथिलांचल की आवाज बनी श्रद्धा श्रद्धा श्री की उपलब्धि को स्थानीय लोगों ने कोसी और मिथिलांचल की कला-संगीत परंपरा की उपलब्धि के रूप में देखा है। अब उनके प्रशंसकों की नजर शो के आगामी एपिसोड पर है, जहां वह अपनी गायकी के जरिए आगे का सफर तय करेंगी। सहरसा की पार्श्वगायिका श्रद्धा श्री ने जी टीवी के चर्चित संगीत रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा’ के टॉप-12 में जगह बनाकर कोसी-मिथिलांचल का नाम राष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से सहरसा समेत पूरे मिथिलांचल में खुशी का माहौल है। शो के एपिसोड में श्रद्धा श्री की गायकी ने दर्शकों के साथ-साथ जजों को भी प्रभावित किया। उनकी प्रस्तुति के दौरान कुमार सानू, शंकर महादेवन, जावेद अली, नीति मोहन और श्रेयस तलपड़े ने उनकी आवाज, सुर, ताल और गायकी की सराहना की। संगीत की समृद्ध विरासत से जुड़ा परिवार श्रद्धा को संगीत की विरासत परिवार से मिली है। वह सहरसा के न्यू कॉलोनी निवासी कृषि विभाग से सेवानिवृत्त भृगुनंदन ठाकुर की पोती हैं। उनके नाना स्वर्गीय भागवत मिश्र ‘वियोगी’ बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में चर्चित गायक रहे हैं। परिवार के कई सदस्य संगीत से जुड़े बिहार की लोकगायिका रंजना झा श्रद्धा की बड़ी मौसी हैं। उनके चाचा अमृतराज ठाकुर और निखिल ठाकुर भी गायक के रूप में देश-विदेश में पहचान बना चुके हैं। उनके फूफा गोविंद प्रसन्न सरस्वती भी जाने-माने संगीतकार हैं। बचपन से संगीत के प्रति समर्पित श्रद्धा की ‘सा रे गा मा पा’ के टॉप-12 तक पहुंचने की उपलब्धि उनके वर्षों के संगीत साधना का परिणाम है। वह इससे पहले ‘आई जीनियस’ प्रतियोगिता जीत चुकी हैं। इस प्रतियोगिता में उन्हें मशहूर संगीतकार सलीम मर्चेंट ने सम्मानित किया था। सिंगापुर में रिकॉर्ड किया इंटरनेशनल एल्बम ‘आई जीनियस’ प्रतियोगिता जीतने के बाद श्रद्धा को सिंगापुर जाने का अवसर मिला, जहां उन्होंने एक इंटरनेशनल म्यूजिक एल्बम के लिए रिकॉर्डिंग की। श्रद्धा अपने पिता राज कुमार ठाकुर और माता वंदना ठाकुर की इकलौती संतान हैं। उनकी मां दिल्ली के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में संगीत शिक्षिका हैं। उन्होंने श्रद्धा के संगीत हुनर को बचपन से निखारने में अहम भूमिका निभाई। दिल्ली विश्वविद्यालय से की पढ़ाई श्रद्धा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी विषय में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में वह दिल्ली में रहकर देश-विदेश के विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी गायकी का प्रदर्शन करती हैं। श्रद्धा के ‘सा रे गा मा पा’ के टॉप-12 में पहुंचने की खबर से सहरसा के कला प्रेमियों और संगीतप्रेमियों में उत्साह है। बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी है और आगे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई है। कोसी-मिथिलांचल की आवाज बनी श्रद्धा श्रद्धा श्री की उपलब्धि को स्थानीय लोगों ने कोसी और मिथिलांचल की कला-संगीत परंपरा की उपलब्धि के रूप में देखा है। अब उनके प्रशंसकों की नजर शो के आगामी एपिसोड पर है, जहां वह अपनी गायकी के जरिए आगे का सफर तय करेंगी।

