केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के लिए बातचीत में तेज़ी लाने पर सहमत हो गए हैं। बातचीत का अगला दौर 5 अक्टूबर से शुरू होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगले 90 दिन दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक अहम दौर साबित हो सकते हैं। गोयल ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को मुंबई में कनाडा के अपने समकक्ष, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के लिए बातचीत का चौथा दौर पूरा किया। मीडिया से बातचीत के दौरान गोयल ने कहा मैंने शुक्रवार को मुंबई में कनाडा के साथ व्यापार समझौते के लिए अपने समकक्ष श्री मनिंदर सिद्धू के साथ बातचीत का चौथा दौर पूरा किया है। बातचीत को फ़ायदेमंद बताते हुए गोयल ने कहा कि दोनों देशों ने बातचीत की रफ़्तार बढ़ाने का फ़ैसला किया है। उन्होंने कहा कि बहुत फ़ायदेमंद बातचीत हुई और दोनों पक्षों ने बातचीत में तेज़ी लाने का संकल्प लिया है, जिसे देखते हुए हमारी टीम अब पांचवें दौर की बातचीत के लिए जाने वाली है।
इसे भी पढ़ें: India-Canada CEPA: व्यापार समझौते पर चौथे दौर की वार्ता शुरू, इसी साल पूरा करने का लक्ष्य
मंत्री ने बताया कि पांचवां दौर 5 अक्टूबर से शुरू होगा और उन्होंने कहा कि बातचीत की रफ़्तार बढ़ रही है। गोयल ने कहा कि 5 अक्टूबर। तो आप देख सकते हैं कि जैसे-जैसे प्रगति हो रही है, कनाडा के साथ बातचीत की गति भी बेहतर हो रही है। नई दिल्ली और ओटावा के बीच बढ़ते सहयोग की ओर इशारा करते हुए गोयल ने आगे कहा, देखते हैं, अगले 90 दिन कनाडा-भारत संबंधों के लिए बहुत अहम समय साबित होने चाहिए। यह नया दौर दोनों देशों की ओर से एक व्यापक व्यापार समझौता करने की नई कोशिशों का हिस्सा है। मुंबई में सिद्धू की 18-19 सितंबर की यात्रा से पहले कनाडा ने कहा था कि CEPA बातचीत के तीन नए दौर पूरे हो चुके हैं और दोनों पक्ष 2026 के आखिर तक बातचीत पूरी करने के लक्ष्य पर सहमत हैं। भारत और कनाडा एक व्यापक व्यापार समझौते पर एक दशक से ज़्यादा समय से बातचीत कर रहे हैं। बातचीत औपचारिक रूप से मार्च 2022 में फिर से शुरू हुई थी, जिसमें दोनों पक्ष एक अंतरिम कदम के तौर पर ‘अर्ली प्रोग्रेस ट्रेड एग्रीमेंट’ (शुरुआती प्रगति व्यापार समझौता) पर भी काम कर रहे थे। 2022 और 2023 के बीच बातचीत के नौ दौर हुए, लेकिन अगस्त 2023 में आपसी रिश्तों में तनाव के कारण यह प्रक्रिया रोक दी गई थी। 2025 में व्यापारिक बातचीत ने फिर से गति पकड़ी। इसके बाद दोनों देशों ने CEPA की नई प्रक्रिया शुरू की और 2 मार्च 2026 को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान गोयल और सिद्धू ने ‘टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस’ (काम की रूपरेखा) पर हस्ताक्षर किए। दोनों सरकारों ने 2026 के आखिर तक बातचीत पूरी करने का संकल्प लिया।

