US-Iran War: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर पर हमला, UKMTO ने दी जानकारी, क्या ईरान का ड्रॉन मॉडल अपना रहे हूती?

US-Iran War: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर पर हमला, UKMTO ने दी जानकारी, क्या ईरान का ड्रॉन मॉडल अपना रहे हूती?

Oil Tanker Attack: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में एक तेल टैंकर पर हमला होने की खबर मिली है। इस घटना में जहाज के क्रू मेंबर्स घायल हुए हैं। UK मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) एजेंसी ने बताया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से तेल टैंकर पर हमला हुआ। सैन्य अधिकारियों ने UKMTO को बताया कि जहाज अपने अगले पोर्ट की तरफ बढ़ रहा था इसी दौरान हमला हुआ। इसमें घायल दो क्रू मेंबर्स को मामूली चोटें आई है। इस घटना के बाद जहाजों को इलाके में सावधानी से गुजरने की सलाह दी गई है। साथ ही कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना UKMTO एजेंसी को देनी है।

हूती अब र्ईरान का तरीका अपना रहे

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, डिफेंस एनालिस्ट एलेक्जेंड्रू हुडिस्टियानु (Alexandru Hudisteanu) का कहना है कि हॉर्मुज में जहाजों पर हो रहे हमलों में ईरान और हूतियों का तरीका एक जैसा ही है। यमन के हूती विद्रोही ईरान से मिली सैन्य तकनीक, खासकर मिसाइल और ड्रोन क्षमता का इस्तेमाल करते रहे हैं। उनका कहना है कि हूतियों ने जिस तरह ड्रोन के जरिए समुद्री जहाजों और तेल सप्लाई को निशाना बनाया, हॉर्मुज में भी उसी तरह का मॉडल दिखाई दे रहा है। इसका असर दुनिया की तेल सप्लाई और समुद्री कारोबार पर पड़ रहा है। साथ ही उनका कहना है कि ईरान क्षेत्रीय एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए यमन के हूती विद्रोहियों को ‘वाइल्ड कार्ड’ की तरह इस्तेमाल कर रहा है।

सऊदी अरब की पाइपलाइन भी निशाने पर

हुदिस्तेनाउ ने कहा कि पिछले करीब एक सप्ताह में हूतियों ने सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को निशाना बनाया है। उनके अनुसार, यह ईरान और हूतियों के बीच किसी तरह के तालमेल का संकेत हो सकता है। यह पाइपलाइन तेल को हॉर्मुज के रास्ते से अलग दिशा में ले जाने का प्रमुख मार्ग है। उनके मुताबिक, हॉर्मुज में जो अज्ञात रूप से हमला करने का तरीका है ये बाब-अल-मंदेब में हूतियों की कार्रवाई जैसा है।

11 दिन में चौथा हमला

होर्मुज में लगातार तेल टैंकरों पर हमला किया जा रहा है। ऐसे में यह 11 दिन में शिपिंग पर होने वाला चौथा हमला है। इससे पहले 18 सितंबर को एक टैंकर पर हमला हुआ था, जिसमें आग लग गई थी, हालांकि चालक दल सुरक्षित रहा। 16 सितंबर को एक अन्य टैंकर को स्ट्रेट से बाहर निकलते समय निशाना बनाया गया, जबकि 13 सितंबर को एक पूरी तरह तेल से लदे टैंकर पर हमले के बाद भीषण आग लग गई थी।

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