मेरठ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे से पहले वकीलों को नजरबंद कर दिया गया। हाईकोर्ट बेंच की मांग कर रहे मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज शर्मा और महामंत्री परवेज आलम को पुलिस ने उनके घर पर ही रोक दिया। वकील मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांग रखना चाहते थे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग पिछले कई दशकों से चली आ रही है। पिछले करीब 50 सालों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वकील और आम जनता इसके लिए आंदोलन करते रहे हैं, लेकिन अभी तक बेंच स्थापित नहीं हो पाई है। जबकि दूसरे प्रदेशों में हाईकोर्ट खंडपीठ दी जा रही है। इस आंदोलन के सिलसिले में वकीलों ने समय-समय पर जेल भरो आंदोलन, पश्चिमी यूपी बंद, पैदल मार्च, जिले के मुख्य चौराहे पर जनसभाएं, कैंडल मार्च और राजनेताओं का घेराव जैसे कई जोरदार आंदोलन किए हैं। इसी कड़ी में मेरठ के वकीलों को बताया गया था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 21 सितंबर (सोमवार) को मेरठ स्थित सुभारती यूनिवर्सिटी आ रहे हैं। उनके मेरठ आने पर पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट खंडपीठ की सही मांग को लेकर उनका विरोध किया जाएगा। इसलिए सभी वकीलों और सदस्यों से अनुरोध किया गया था कि वे मुख्यमंत्री के विरोध में और हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए सोमवार को मेरठ बार में ज्यादा से ज्यादा संख्या में इकट्ठा हों। लेकिन उससे पहले ही मेरठ और जिला बार के पदाधिकारी को हाउस अरेस्ट कर लिया गया।

