इटावा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने सोमवार को कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि यदि निष्पक्ष चुनाव हुआ तो 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रदेश में 50 सीटें भी नहीं मिलेंगी। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया, समान नागरिक संहिता, यूपीआई भुगतान और भाजपा की सभाओं को लेकर भी सवाल उठाए। बोले- जनता ने सपा को सत्ता में पहुंचाने का मन बनाया रामगोपाल यादव ने कहा कि जनता ने आने वाले चुनाव को अपने हाथों में ले लिया है और समाजवादी पार्टी को सत्ता में पहुंचाने का मन बना लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार लोगों के मकान गिरवा रही है और पैर में गोली मरवा रही है। उनके मुताबिक, सरकार के खिलाफ बयान देने या आवाज उठाने वालों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। रामगोपाल यादव ने कहा कि जो सबसे ज्यादा एनकाउंटर कर दे, वही सबसे अच्छा एसपी माना जाता है। उन्होंने कहा कि जब पाप का घड़ा भर जाता है तो उसका अंत हो जाता है। उन्होंने सरकार पर अन्याय और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि उनके अनुसार भारत में जितना अन्याय और भ्रष्टाचार हो रहा है, उतना दुनिया के किसी तानाशाह ने भी नहीं किया। निष्पक्ष चुनाव के सवाल पर रामगोपाल यादव ने दावा किया कि पिछले चुनावों में धांधली हुई थी, इसलिए जनता सवाल उठा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर संदेह जताया। उनका कहना था कि यदि चुनाव आयोग निष्पक्ष रहा तो निष्पक्ष चुनाव हो सकता है। यूसीसी लागू करने पर पूछा- इससे क्या मिला समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर सवाल के जवाब में उन्होंने उत्तराखंड में इसे लागू किए जाने का जिक्र करते हुए पूछा कि इससे क्या मिला। उन्होंने कहा कि अलग-अलग धर्मों की परंपराएं और तौर-तरीके अलग होते हैं। इस संदर्भ में उन्होंने विवाह संबंधी परंपराओं का उदाहरण दिया और ब्रिटेन के संविधान का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए रामगोपाल यादव ने दावा किया कि सरकारी आदेशों के बावजूद आम लोगों ने दिए नहीं जलाए। उन्होंने इसे सरकार के प्रति जनता के रुख से जोड़कर अपनी बात रखी। यूपीआई भुगतान को लेकर लगाए आरोप यूपीआई भुगतान को लेकर रामगोपाल यादव ने आरोप लगाया कि आम यूपीआई लेनदेन पर टैक्स लगाया गया है। उन्होंने दावा किया कि इससे यूपीआई कंपनियों के खातों में करोड़ों रुपये जाएंगे और यह पैसा सरकार के पास नहीं पहुंचेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित कंपनियां भाजपा को चंदा देंगी, जिससे पार्टी वोट खरीदेगी और चुनाव लड़ेगी। तथ्य-जांच: कॉपी में सामान्य यूपीआई लेनदेन को मुफ्त रखने और कुछ कारोबारी लेनदेन पर भविष्य में नाममात्र एमडीआर की बात भी शामिल है। शुल्क संबंधी सरकारी व्यवस्था और रामगोपाल यादव के आरोप का सटीक संदर्भ प्रकाशन से पहले सत्यापित किया जाना चाहिए। बोले- जनता की जेब पर डाका डालने के लिए बन रहे कानून रामगोपाल यादव ने आरोप लगाया कि जनता के हित में कानून नहीं बनाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, कानूनों के जरिए जनता की जेब पर बोझ डाला जा रहा है। डिजिटल रुपये का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसे बनाने का प्रयास चल रहा है और उनके अनुसार 95 प्रतिशत लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते। भाजपा सत्ता में रही तो पांच-दस साल बाद चुनाव भी नहीं होंगे: यादव रामगोपाल यादव ने आशंका जताई कि यदि भाजपा सत्ता में बनी रही तो पांच-दस साल बाद चुनाव भी नहीं कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं। जेन-जी आंदोलन का किया जिक्र जेन-जी आंदोलन का जिक्र करते हुए रामगोपाल यादव ने दावा किया कि सरकार इस आंदोलन से डर गई थी। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और मोहन भागवत के इस्तेमाल किए जाने को भी इससे जोड़कर अपनी बात रखी। भाजपा अध्यक्ष की सीट को लेकर भी किया दावा रामगोपाल यादव ने कहा कि भाजपा अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट भी नहीं जीत पाई। उन्होंने प्रदेशभर में लगाए गए पोस्टरों पर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के पास दिखाने के लिए कुछ नहीं है और एआई की मदद से झूठी खबरें बनाई और फैलाई जाती हैं। भाजपा की सभाओं में भीड़ को लेकर उठाए सवाल सीएम योगी की सभाओं पर टिप्पणी करते हुए रामगोपाल यादव ने दावा किया कि उनमें आम जनता नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सरकारी शिक्षकों और आशा कार्यकर्ताओं को बुलाया जाता है और लोगों को पैसे देकर भी लाया जाता है। उनके मुताबिक, भाजपा की सभाओं में आम जनता की भागीदारी नहीं होती।

