भोजपुर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में शाहपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर मास्टरमाइंड समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 315 ग्राम हेरोइन, 164 ग्राम हेरोइन का कट पाउडर, 3.7 किलोग्राम गांजा, 19,200 रुपए नकद, 4 स्मार्टफोन और एक बाइक बरामद की गई है। इसके अलावा मादक पदार्थों की तौल में इस्तेमाल होने वाली दो इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन भी पुलिस ने जब्त की है। बरामद मादक पदार्थों की कीमत करीब एक करोड़ रुपए से अधिक आंकी जा रही है। नेटवर्क खंगाल रही पुलिस आरोपियों में शाहपुर निवासी संतोष कुमार, दरोगा यादव, धिन कुमार धानुक, रोहित कुमार, उमेश यादव और उसका भाई राकेश कुमार शामिल है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सभी आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े हुए थे। प्रारंभिक जांच में संतोष कुमार, उमेश यादव और राकेश कुमार को इस नेटवर्क के मुख्य संचालकों के तौर पर चिन्हित किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये लोग हेरोइन और गांजा कहां से मंगाते थे और भोजपुर समेत आसपास के किन इलाकों में इसकी सप्लाई की जाती थी। पुलिस ने की छापेमारी जगदीशपुर डीएसपी राहुल कुमार ने बताया कि भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शाहपुर थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पहले वार्ड संख्या 11 स्थित मिशन स्कूल रोड के पास छापेमारी की। यहां से संतोष कुमार, दरोगा यादव, धिन कुमार धानुक और रोहित कुमार को गिरफ्तार किया। इनके पास से मादक पदार्थ बरामद होने के बाद पुलिस ने पूछताछ शुरू की। पूछताछ और मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने शाहपुर के वार्ड संख्या 10 में दूसरी कार्रवाई की। यहां छापेमारी कर उमेश यादव और उसके भाई राकेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों ठिकाने से भी मादक पदार्थ, नकदी और अन्य सामान बरामद किया। इसके बाद तीनों स्थानों से बरामद सामग्री को एकत्र कर उसकी विधिवत जब्ती सूची तैयार करने की कार्रवाई की गई। सप्लायर की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगालने के साथ ही इनके संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। पूछताछ के आधार पर तस्करी के नेटवर्क की आगे की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बरामद हेरोइन की खेप किस स्रोत से पहुंची थी और इसके पीछे जिले से बाहर सक्रिय किसी बड़े सप्लायर की भूमिका है या नहीं। भोजपुर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में शाहपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर मास्टरमाइंड समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 315 ग्राम हेरोइन, 164 ग्राम हेरोइन का कट पाउडर, 3.7 किलोग्राम गांजा, 19,200 रुपए नकद, 4 स्मार्टफोन और एक बाइक बरामद की गई है। इसके अलावा मादक पदार्थों की तौल में इस्तेमाल होने वाली दो इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन भी पुलिस ने जब्त की है। बरामद मादक पदार्थों की कीमत करीब एक करोड़ रुपए से अधिक आंकी जा रही है। नेटवर्क खंगाल रही पुलिस आरोपियों में शाहपुर निवासी संतोष कुमार, दरोगा यादव, धिन कुमार धानुक, रोहित कुमार, उमेश यादव और उसका भाई राकेश कुमार शामिल है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सभी आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े हुए थे। प्रारंभिक जांच में संतोष कुमार, उमेश यादव और राकेश कुमार को इस नेटवर्क के मुख्य संचालकों के तौर पर चिन्हित किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये लोग हेरोइन और गांजा कहां से मंगाते थे और भोजपुर समेत आसपास के किन इलाकों में इसकी सप्लाई की जाती थी। पुलिस ने की छापेमारी जगदीशपुर डीएसपी राहुल कुमार ने बताया कि भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शाहपुर थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पहले वार्ड संख्या 11 स्थित मिशन स्कूल रोड के पास छापेमारी की। यहां से संतोष कुमार, दरोगा यादव, धिन कुमार धानुक और रोहित कुमार को गिरफ्तार किया। इनके पास से मादक पदार्थ बरामद होने के बाद पुलिस ने पूछताछ शुरू की। पूछताछ और मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने शाहपुर के वार्ड संख्या 10 में दूसरी कार्रवाई की। यहां छापेमारी कर उमेश यादव और उसके भाई राकेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों ठिकाने से भी मादक पदार्थ, नकदी और अन्य सामान बरामद किया। इसके बाद तीनों स्थानों से बरामद सामग्री को एकत्र कर उसकी विधिवत जब्ती सूची तैयार करने की कार्रवाई की गई। सप्लायर की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगालने के साथ ही इनके संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। पूछताछ के आधार पर तस्करी के नेटवर्क की आगे की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बरामद हेरोइन की खेप किस स्रोत से पहुंची थी और इसके पीछे जिले से बाहर सक्रिय किसी बड़े सप्लायर की भूमिका है या नहीं।

