चंदन की दो चौकियां, फूलों के दो हार, केसर भरियो बाटको, पूजा पार्श्वनाथ… आदि पदों के साथ शनिवार को जैन दादाबाड़ी में दादा गुरुदेव जिनकुशल सूरि की दो दिवसीय वार्षिक पूजा शुरू हुई। जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ संघ की ओर से श्रीमालों का मोहल्ला स्थित जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ मंदिर में नवकारसी के बाद सतरह भेदी पूजा हुई। जयपुर के संदीप श्रीमाल के सानिध्य में आशा-देवेंद्र कोठारी, उषा-कुशल घेवरिया, निशा-अशोक सुराणा, बबीता-प्रकाश बरमेचा, रीतू-रमण पारख, सोनिया-विनित बोहरा ने पूजा की। दोपहर में जैन दादाबाड़ी में गुरुदेव जिनकुशल सूरिजी की प्रतिमा का शृंगार किया गया। सुनील कुमार, सुधीर कुमार, सुदेश कुमार महमवाल परिवार की ओर से दादा गुरुदेव की बड़ी पूजा की गई। दादाबाड़ी परिसर में रात में भजनों का कार्यक्रम हुआ। इसमें कोलकाता के मोहित बोथरा व जयपुर के संदीप श्रीमाल सहित स्थानीय कलाकारों ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में दानमल जैन, कुशलचंद जैन, राजेश जैन, हेमंत, पुष्पेंद्र जैन, कमल किशोर, अभिषेक जैन, धीरज, मनोज कुमार, सुरेश, धीरज जैन, सुनील आदि मौजूद थे। जैन मंदिर से आज निकालेंगे शोभायात्रा : मेला संयोजक सुरेश जैन ने बताया कि भाद्रपद शुक्ल दशमी पर सोमवार को नवकारसी के बाद सुबह 9:15 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी। गाजे-बाजे के साथ जैन मंदिर से रवाना होकर शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए जैन दादाबाड़ी पहुंचेगी। वहां दोपहर 3:30 बजे दादा गुरुदेव जिनकुशल सूरिजी की बड़ी पूजा होगी। इसके बाद शिखर पर ध्वजारोहण किया जाएगा। वार्षिक पूजा के अवसर पर जैन दादाबाड़ी व जैन मंदिर में रंग-बिरंगी रोशनी से सजावट की गई है। मंदिर में आयोजित सतरह भेदी पूजा के दौरान इंद्र ध्वज, चांद व सूरज की आरती की 18 हजार 653 मण (72 हजार 612 रुपए) की बोली लगाई गई। जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ संघ के सह-सचिव अनिल जैन ने बताया कि इंद्र ध्वज की सबसे बड़ी बोली महेंद्र कुमार, यश कुमार, शर्मिला कुकड़ा ने 15001 मण की लगाई। इनके अलावा नरेंद्र कुमार, नीतेश व नीरज महमवाल परिवार ने 2001 मण में चांद की बोली लगाई। श्रवण कुमार, दीपशिखा ब्यावरवाले की ओर से 1651 मण में सूरज की बोली लगाई गई। पूजा के बाद मंदिर के शिखर पर ध्वज चढ़ाया गया। इसके बाद सभी तीर्थंकरों को चांद व सूरज दिखाए गए।

