इटावा में रविवार को संस्थान परिसर में आयोजित यह ‘नेचर वॉक’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को समझने की एक छोटी सी शुरुआत है। मानव जीवन का अस्तित्व पूरी तरह से पर्यावरण की सेहत पर निर्भर करता है। रविवार को आईटीआई परिसर में जिस तरह की समृद्ध जैव विविधता—40 से अधिक पेड़-पौधों और दर्जनों पक्षी व तितलियों की प्रजातियों के रूप में—देखने को मिली है, वह इस बात का प्रमाण है कि यदि हम थोड़ी सी भी देखभाल करें, तो प्रकृति हमें भरपूर जीवन देती है। उक्त उद्गार प्रधानाचार्य अवधेश सिंह ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में सोसाइटी फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर द्वारा आयोजित नेचर वॉक के दौरान व्यक्त किए। इस नेचर वॉक का कुशल मार्गदर्शन डॉ. राजीव चौहान, डॉ. अत्रि गुप्ता एवं डॉ. बी. एन. सिंह द्वारा किया गया। भ्रमण के दौरान मार्गदर्शकों ने परिसर में व्याप्त हरी-भरी वनस्पतियों, विविध पेड़-पौधों तथा जैव विविधता के बारे में विस्तृत जानकारियां साझा कीं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को समझाया कि हमारे आस-पास का पर्यावरण संतुलन मानव जीवन के अस्तित्व के लिए कितना अनिवार्य है। डॉ. अत्री गुप्ता ने बताया कि उनके द्वारा करीब 40 पेड़ पौधों एवं 17 पक्षियों तथा 13 तितलियों एवं अन्य छोटे जीवों की प्रजातियां देखने को मिलीं। शिक्षक नागेन्द्र प्रताप ने कहा कि हम लोग पेड़ पौधे तो प्रतिदिन ही देखते हैं लेकिन आज की सहभागिता से हमें सामान्य देखने वाले पेड़ पौधों के उपयोग के बारे में पता चला है। बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमियों ने अत्यंत उत्साह एवं ऊर्जा के साथ सहभागिता की। भ्रमण के दौरान प्रकृति प्रेमियों ने पेड़-पौधों के संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण से बचाव तथा हरित क्षेत्रों के संवर्धन से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका बी. एन. सिंह, बायोलॉजिस्ट लायन सफारी ने अत्यंत सरल समाधान किया। संस्थान के ए पी सिंह, सी पी सिंह, ब्रह्म शंकर तथा संस्था के मुकेश अरुण अनुपम अर्जुन आदि उपस्थित रहे।

