दरभंगा के लहेरियासराय के बंगाली टोला में रविवार को सेवा फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से शिक्षक समागम एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जिले के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे करीब 500 शिक्षक-शिक्षिकाओं को पाग व चादर देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षक अरुण कुमार झा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आगामी विधान परिषद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर भी कार्यक्रम में चर्चा हुई। शिक्षकों को संबोधित करते हुए अरुण कुमार झा ने चुनाव में बढ़ते धनबल को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चुनाव लड़ने और टिकट हासिल करने में पैसे की भूमिका बढ़ गई है। उनके अनुसार, बड़ी राजनीतिक पार्टियों में भी आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को प्राथमिकता मिलने की स्थिति बन गई है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षकों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर नाराजगी है। अरुण कुमार झा ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। ‘शिक्षकों की ओर से मुझे बुलाकर विधान परिषद का चुनाव लड़ने का प्रस्ताव मिला था’ सेवानिवृत्त शिक्षक अरुण कुमार झा ने बताया कि 8 अक्टूबर 2025 को शिक्षकों की ओर से उन्हें बुलाकर विधान परिषद चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया गया था। इसके बाद से उन्होंने शिक्षकों के बीच लगातार जनसंपर्क शुरू किया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं शिक्षक रह चुके हैं, इसलिए शिक्षकों की समस्याओं और उनके दर्द को समझते हैं। उन्होंने शिक्षकों के हितों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ने की बात कही। हालांकि, शिक्षकों का समर्थन और भविष्य के चुनाव परिणाम मतदाताओं के निर्णय पर निर्भर करेंगे। धनबल के मुकाबले शिक्षकों के समर्थन पर भरोसा अरुण कुमार झा ने अपने संबोधन में विभिन्न राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से सरकार और विपक्ष की भूमिका को लेकर आरोप-प्रत्यारोप करते हैं। उन्होंने बड़े राजनीतिक आयोजनों में होने वाले खर्च का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव में धन के इस्तेमाल का असर आम उम्मीदवारों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि बड़े दल और संगठन भीड़ जुटाने और चुनावी गतिविधियों में बड़ी राशि खर्च करते हैं, जबकि वह शिक्षकों के समर्थन के भरोसे चुनाव मैदान में उतरेंगे। उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों का समर्थन उन्हें प्राप्त है और इसी के आधार पर वह चुनाव लड़ेंगे। शिक्षकों की समस्याओं को सदन तक पहुंचाने का दावा अरुण कुमार झा ने कहा कि शिक्षक समाज ने उन्हें चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलता है तो वह शिक्षकों की समस्याओं को विधान परिषद तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए लगातार आवाज उठाएंगे। कार्यक्रम में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए। सेवा फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में शिक्षकों को सम्मानित किए जाने को लेकर मौजूद शिक्षकों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। दरभंगा के लहेरियासराय के बंगाली टोला में रविवार को सेवा फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से शिक्षक समागम एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जिले के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे करीब 500 शिक्षक-शिक्षिकाओं को पाग व चादर देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षक अरुण कुमार झा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आगामी विधान परिषद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर भी कार्यक्रम में चर्चा हुई। शिक्षकों को संबोधित करते हुए अरुण कुमार झा ने चुनाव में बढ़ते धनबल को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चुनाव लड़ने और टिकट हासिल करने में पैसे की भूमिका बढ़ गई है। उनके अनुसार, बड़ी राजनीतिक पार्टियों में भी आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को प्राथमिकता मिलने की स्थिति बन गई है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षकों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर नाराजगी है। अरुण कुमार झा ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। ‘शिक्षकों की ओर से मुझे बुलाकर विधान परिषद का चुनाव लड़ने का प्रस्ताव मिला था’ सेवानिवृत्त शिक्षक अरुण कुमार झा ने बताया कि 8 अक्टूबर 2025 को शिक्षकों की ओर से उन्हें बुलाकर विधान परिषद चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया गया था। इसके बाद से उन्होंने शिक्षकों के बीच लगातार जनसंपर्क शुरू किया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं शिक्षक रह चुके हैं, इसलिए शिक्षकों की समस्याओं और उनके दर्द को समझते हैं। उन्होंने शिक्षकों के हितों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ने की बात कही। हालांकि, शिक्षकों का समर्थन और भविष्य के चुनाव परिणाम मतदाताओं के निर्णय पर निर्भर करेंगे। धनबल के मुकाबले शिक्षकों के समर्थन पर भरोसा अरुण कुमार झा ने अपने संबोधन में विभिन्न राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से सरकार और विपक्ष की भूमिका को लेकर आरोप-प्रत्यारोप करते हैं। उन्होंने बड़े राजनीतिक आयोजनों में होने वाले खर्च का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव में धन के इस्तेमाल का असर आम उम्मीदवारों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि बड़े दल और संगठन भीड़ जुटाने और चुनावी गतिविधियों में बड़ी राशि खर्च करते हैं, जबकि वह शिक्षकों के समर्थन के भरोसे चुनाव मैदान में उतरेंगे। उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों का समर्थन उन्हें प्राप्त है और इसी के आधार पर वह चुनाव लड़ेंगे। शिक्षकों की समस्याओं को सदन तक पहुंचाने का दावा अरुण कुमार झा ने कहा कि शिक्षक समाज ने उन्हें चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलता है तो वह शिक्षकों की समस्याओं को विधान परिषद तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए लगातार आवाज उठाएंगे। कार्यक्रम में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए। सेवा फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में शिक्षकों को सम्मानित किए जाने को लेकर मौजूद शिक्षकों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

