मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित वित्तरहित शिक्षकों के सम्मान समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वित्तरहित शिक्षकों को सम्मानित किया और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा, वित्तरहित शिक्षकों ने लंबे समय से बिहार के बच्चों को शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार शिक्षकों का सम्मान करती है। आगे भी उनके सम्मान का सिलसिला जारी रहेगा। बच्चों को अच्छी शिक्षा देना और उन्हें आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षकों की समस्याओं का बातचीत से होगा समाधान मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तरहित शिक्षकों और उनके प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। वे शिक्षकों से मिलेंगे, उनकी बात सुनेंगे और प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की समस्याओं को लेकर एक कमेटी भी गठित की है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि शिक्षकों का सम्मान बना रहेगा और सरकार इस दिशा में काम करती रहेगी। अगले 5 वर्षों में रोजगार पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके। महिलाओं के लिए महिला यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। इसमें निचले स्तर से लेकर ऊपर तक की पढ़ाई की व्यवस्था होगी। विकसित बिहार बनाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विकसित भारत और समृद्ध बिहार बनाने का समय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार ने पिछले कुछ वर्षों में काफी बदलाव देखा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2005 के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में बड़ा बदलाव आया है। शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने गिनाईं योजनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शुरुआत से ही बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देना सरकार की प्राथमिकता रही है। बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सरकार की ओर से राशि उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भी विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, नई सरकार बनने के बाद 15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई। इसके साथ ही 2500 असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहाली की गई है। सरकार का उद्देश्य है कि बिहार के बच्चे बिहार में ही अच्छी शिक्षा हासिल करें और उन्हें पढ़ाई के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हो। 700 मॉडल स्कूलों में लाखों बच्चों को शिक्षा मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में 700 मॉडल स्कूल यानी सरस्वती विद्या निकेतन स्थापित किए गए हैं। इन स्कूलों में करीब 3.5 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए कदम उठा रही है और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप से शिक्षकों और बच्चों को सुविधा मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के माध्यम से करीब 75 हजार शिक्षकों को जोड़ा गया है। इस व्यवस्था के जरिए रात के समय भी बच्चों को पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अभी इस व्यवस्था के माध्यम से रात में लगभग 1 लाख 42 हजार बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। विश्वविद्यालयों में भी बेहतर व्यवस्था का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी सरकार का ध्यान है। उन्होंने बताया कि विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री की ओर से निर्देश दिए गए थे और इसके लिए 220 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षा व्यवस्था को लगातार बेहतर किया जाए। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ-साथ वित्तरहित शिक्षकों का भी सम्मान बना रहे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित वित्तरहित शिक्षकों के सम्मान समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वित्तरहित शिक्षकों को सम्मानित किया और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा, वित्तरहित शिक्षकों ने लंबे समय से बिहार के बच्चों को शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार शिक्षकों का सम्मान करती है। आगे भी उनके सम्मान का सिलसिला जारी रहेगा। बच्चों को अच्छी शिक्षा देना और उन्हें आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षकों की समस्याओं का बातचीत से होगा समाधान मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तरहित शिक्षकों और उनके प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। वे शिक्षकों से मिलेंगे, उनकी बात सुनेंगे और प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की समस्याओं को लेकर एक कमेटी भी गठित की है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि शिक्षकों का सम्मान बना रहेगा और सरकार इस दिशा में काम करती रहेगी। अगले 5 वर्षों में रोजगार पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके। महिलाओं के लिए महिला यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। इसमें निचले स्तर से लेकर ऊपर तक की पढ़ाई की व्यवस्था होगी। विकसित बिहार बनाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विकसित भारत और समृद्ध बिहार बनाने का समय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार ने पिछले कुछ वर्षों में काफी बदलाव देखा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2005 के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में बड़ा बदलाव आया है। शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने गिनाईं योजनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शुरुआत से ही बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देना सरकार की प्राथमिकता रही है। बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सरकार की ओर से राशि उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भी विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, नई सरकार बनने के बाद 15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई। इसके साथ ही 2500 असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहाली की गई है। सरकार का उद्देश्य है कि बिहार के बच्चे बिहार में ही अच्छी शिक्षा हासिल करें और उन्हें पढ़ाई के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हो। 700 मॉडल स्कूलों में लाखों बच्चों को शिक्षा मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में 700 मॉडल स्कूल यानी सरस्वती विद्या निकेतन स्थापित किए गए हैं। इन स्कूलों में करीब 3.5 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए कदम उठा रही है और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप से शिक्षकों और बच्चों को सुविधा मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के माध्यम से करीब 75 हजार शिक्षकों को जोड़ा गया है। इस व्यवस्था के जरिए रात के समय भी बच्चों को पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अभी इस व्यवस्था के माध्यम से रात में लगभग 1 लाख 42 हजार बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। विश्वविद्यालयों में भी बेहतर व्यवस्था का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी सरकार का ध्यान है। उन्होंने बताया कि विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री की ओर से निर्देश दिए गए थे और इसके लिए 220 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षा व्यवस्था को लगातार बेहतर किया जाए। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ-साथ वित्तरहित शिक्षकों का भी सम्मान बना रहे।

