सीतामढ़ी के ऐतवार पर्व पर परिवार के साथ बागमती नदी की पुरानी धार में नहाने गई 10 वर्षीय बच्ची की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद पर्व की खुशियां मातम में बदल गईं। घटना रविवार को रीगा थाना क्षेत्र के बभनगामा गांव में हुई। परिजनों के साथ नदी में नहा रही थी रूहानी मृत बच्ची की पहचान बभनगामा निवासी धीरेंद्र कुमार की 10 वर्षीय बेटी रूहानी कुमारी के रूप में हुई है। रविवार को परिवार के लोग ऐतवार पर्व के लिए बागमती नदी की पुरानी धार में नहाने गए थे। रूहानी भी परिजनों के साथ नदी में नहा रही थी। अचानक गहरे पानी में चली गई बच्ची नहाने के दौरान रूहानी अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। बच्ची को डूबता देखकर परिवार और आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। लोगों ने पानी में उतरकर शुरू की तलाश रूहानी को बचाने के लिए परिजन और स्थानीय लोग तुरंत नदी में उतरे। काफी प्रयास के बाद बच्ची को पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। पर्व की खुशियां मातम में बदलीं बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बेटी की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में भी शोक का माहौल है। गहरे पानी में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल स्थानीय लोगों के अनुसार, बागमती की पुरानी धार में कई जगह पानी काफी गहरा है। इसके बावजूद पर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोग यहां स्नान करने पहुंचते हैं। हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है। सीतामढ़ी के ऐतवार पर्व पर परिवार के साथ बागमती नदी की पुरानी धार में नहाने गई 10 वर्षीय बच्ची की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद पर्व की खुशियां मातम में बदल गईं। घटना रविवार को रीगा थाना क्षेत्र के बभनगामा गांव में हुई। परिजनों के साथ नदी में नहा रही थी रूहानी मृत बच्ची की पहचान बभनगामा निवासी धीरेंद्र कुमार की 10 वर्षीय बेटी रूहानी कुमारी के रूप में हुई है। रविवार को परिवार के लोग ऐतवार पर्व के लिए बागमती नदी की पुरानी धार में नहाने गए थे। रूहानी भी परिजनों के साथ नदी में नहा रही थी। अचानक गहरे पानी में चली गई बच्ची नहाने के दौरान रूहानी अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। बच्ची को डूबता देखकर परिवार और आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। लोगों ने पानी में उतरकर शुरू की तलाश रूहानी को बचाने के लिए परिजन और स्थानीय लोग तुरंत नदी में उतरे। काफी प्रयास के बाद बच्ची को पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। पर्व की खुशियां मातम में बदलीं बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बेटी की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में भी शोक का माहौल है। गहरे पानी में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल स्थानीय लोगों के अनुसार, बागमती की पुरानी धार में कई जगह पानी काफी गहरा है। इसके बावजूद पर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोग यहां स्नान करने पहुंचते हैं। हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

