झांसी में भाजपा के जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह ने केमिकल ड्रग्स की बिक्री को लेकर मंत्री जयवीर सिंह से शिकायत की है। उन्होंने कहा- झांसी में मादक पदार्थों की बिक्री चरम है। खासकर केमिकल ड्रग्स बहुत ज्यादा चलन में आ गए है। इसमें नौजवान फंसकर आत्महत्या कर रहे है। परिवार भी बिखर रहे है। नशा माफियाओं का थाने-चौकी के सिपाही और जिम्मेदार लोग सहयोग कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी, मेडिकल कॉलेज, प्रेमनगर, नगरा, सीपरी बाजार समेत भीड़भाड़ वाले इलाकों में जमकर नशा की बिक्री हो रही है। इनके खिलाफ जो कार्रवाई हो रही है, वो पर्याप्त नहीं है। नशा की जड़े कहां तक हैं, कौन-कौन लोग शामिल है, जो मददगार है। उन पर तेजी से कार्रवाई होनी चाहिए। और प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह ने कहा- मैंने पहले भी झांसी प्रशासन को अवगत कराया था। नए एसएसपी ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन ये पर्याप्त नहीं है। प्रभावी कार्रवाई और हो, इसलिए प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह को पत्र देकर कार्रवाई को तेज करने का आग्रह किया है। नशा की जड़े कहां तक जाती हैं, इसमें कौन कौन शामिल हैं। झांसी में अगर मादक पदार्थ की बिक्री हो रही है तो निश्चित है कि इसमें झांसी के लोग भी मददगार होंगे। वो कौन लोग हैं, उनकी तेजी से खोज होनी चाहिए। ऐसी कठोर कार्रवाई हो कि आने वाले समय लोग ऐसे काम से दूर रहें। उन्होंने कहा- जो भी काम होता है, उसमें स्थानीय लोगों का हाथ होता है। इसमें प्रशासन के कुछ ऐसे लालची कर्मचारी भी होते हैं, जो स्वार्थ के लिए बढ़ावा देने में लग जाते हैं। उनको पकड़ा जाए। ऐसे सभी लोग चिह्नित किए जाए, उनके पीछे जिनके हाथ है, उनको चिह्नित किया जाए और कठोर कार्रवाई की जाए। एंबुलेंस माफिया पर कसा जाए शिकंजा जिलाध्यक्ष ने मंत्री से एंबुलेंस माफियाओं की भी शिकायत की। उन्होंने कहा- मेडिकल कॉलेज में पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के गरीब, कमजोर और असहाय लोग इलाज कराने आते हैं। कभी-कभी ऐसी परिस्थिति बनती है कि उनको बाहर जाना पड़ता है। यहां से डॉक्टर रेफर कर देता है। तब एंबुलेंस की अवश्यकता होती है। मेडिकल के बाहर एंबुलेंस की बहुत बड़ी कतार खड़ी होती है। वहां एंबुलेंस माफिया के रूप में काम कर रहे हैं। उनके मुंह से निकला कि दिल्ली तक के 25 हजार या ग्वालियर के 15 हजार रुपए चाहिए तो आपको उनते पैसे देने पड़ते हैं। अगर कम रेट वाली किसी दूसरी एंबुलेंस को बुलाते हैं तो वो इतने प्रभावशाली हैं कि लड़ाई पर उतर आते हैं। इसलिए उनका सफाया किया जाए। एंबुलेंस चालकों को कठोर कार्रवाई हो, ताकि जनता को राहत मिल सके।

