Nandigram Bypoll 2026: 6 अक्टूबर को वोटिंग से पहले बंगाल में सियासी हलचल तेज, दोनों सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला

Nandigram Bypoll 2026: 6 अक्टूबर को वोटिंग से पहले बंगाल में सियासी हलचल तेज, दोनों सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला

West Bengal Bypoll: नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन देने के बाद ममता बनर्जी गुट के उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी ने मुकाबले को नया मोड़ दे दिया। रेजीनगर में भी प्रत्याशी की वापसी और फिर यू-टर्न के साथ चुनाव चिह्न का विवाद सुर्खियों में रहा। 

Rejinagar Bypoll 2026: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का मैदान अब पूरी तरह तैयार है, लेकिन मुकाबला सिर्फ उम्मीदवारों के बीच नहीं रह गया है। नामांकन वापसी के आखिरी दिन घटनाक्रम ने दोनों सीटों की तस्वीर बदल दी। कहीं प्रत्याशी ने मैदान छोड़कर फिर वापसी की, कहीं उम्मीदवार की गिरफ्तारी ने प्रचार अभियान पर असर डाला तो कहीं चुनाव चिह्न को लेकर विवाद सामने आया। ऐसे में 6 अक्टूबर की वोटिंग से पहले दोनों सीटों पर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।

West Bengal Bypoll: उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम और चुनावी समीकरण

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के उपचुनाव अब बहुकोणीय मुकाबले में तब्दील हो चुके हैं। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों सीटों पर राजनीतिक समीकरण काफी बदल गए हैं। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। नामांकन पत्रों की जांच 17 और 18 सितंबर को हुई थी।

नंदीग्राम सीट खाली होने की वजह पूर्व विधायक सुवेंदु अधिकारी का इसे छोड़ना है। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर से भी जीत दर्ज की थी। रेजीनगर सीट भी इसलिए खाली हुई क्योंकि AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर ने दोनों सीटों पर जीत के बाद नवदा सीट बरकरार रखी।

नंदीग्राम का रण: समर्थन, गिरफ्तारी और नाटकीय मोड़

नंदीग्राम में मुकाबला अब खास तौर पर दिलचस्प हो गया है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट ने अपने प्रत्याशी संचित प्राधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन दिया है। इसके बाद प्रधान की गिरफ्तारी ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया। PTI के मुताबिक उनके खिलाफ 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े पुराने मामलों में लंबित वारंट के आधार पर कार्रवाई हुई। बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई।

भाजपा ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वह दिवंगत चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जो सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी रहे थे। दूसरी ओर रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को मैदान में उतारा है, जबकि वाम मोर्चे की ओर से CPI के शांतिगोपाल गिरि उम्मीदवार हैं।

रेजीनगर में उलटफेर: वापसी, नए चुनाव चिह्न और गिरफ्तारी

रेजीनगर में भी घटनाक्रम कम नाटकीय नहीं रहा। ममता गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने पहले चुनाव से हटने की घोषणा की, लेकिन कुछ ही घंटों बाद अपना फैसला बदल दिया। अब वह नए नाम और ‘फुटबॉल प्लेयर’ चुनाव चिह्न के साथ मैदान में हैं।

यहां AJUP ने हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद (रॉबिन) को टिकट दिया है। भाजपा ने पूर्व मुर्शिदाबाद जिला अध्यक्ष सखारव सरकार को उतारा है। रितब्रत गुट से सफीउज्जमान शेख, कांग्रेस से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल कफी और CPI(M) से सैयद असद अली मैदान में हैं।

रेजीनगर में एक निर्दलीय उम्मीदवार की गिरफ्तारी ने भी चुनावी चर्चा बढ़ाई है। पुलिस ने उसके पास से कथित तौर पर हथियार, कारतूस और नकली नोट बरामद करने का दावा किया है। इस दावे की कानूनी प्रक्रिया आगे जारी है। ऐसे में अब दोनों सीटों पर उम्मीदवारों से ज्यादा बदलते राजनीतिक समीकरण और चुनावी पहचान चर्चा के केंद्र में हैं।

  

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