बिहार का पहला ग्रीनफील्ड नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर: अगले लोकसभा चुनाव के पहले ही पूरी तरह चालू हो पाएगा

बिहार का पहला ग्रीनफील्ड नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर: अगले लोकसभा चुनाव के पहले ही पूरी तरह चालू हो पाएगा

बिहार का पहला ग्रीनफील्ड नॉर्थ साउथ कॉरिडोर (औरंगाबाद-गया के आमस से दरभंगा के बेला) लोकसभा चुनाव के पहले ही पूरी तरह चालू हो पाएगा। 4 अलग-अलग पैकेजों में बन रहे इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर में जमीन अधिग्रहण की बाधाएं अब खत्म हो चुकी हैं, फिर भी निर्माण एजेंसियों की धीमी कार्यशैली के चलते परियोजना लटकी हुई है। बीते मार्च में ही इस अहम राजमार्ग को चालू होना था। 4 पैकेज में बन रहा यह पूरा कॉरिडोर अब तक औसत 50% ही बन पाया है। 199 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को मार्च 2028 तक चालू करने की अवधि बढ़ा दी गई है। नये एलाइनमेंट पर बनने वाली इस कॉरिडोर को नेशनल हाइवे (एनएच-119 डी) घोषित किया है। खास फायदे… आमस-दरभंगा कॉरिडोर से बिहार को क्या मिलेगा
निर्माण एजेंसियों की सुस्ती से 2028 तक टली परियोजना 6930 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण का विवाद पूरी तरह निपट चुका है। इसके बावजूद निर्माण एजेंसियों द्वारा काम में तेजी न ला पाने से परियोजना पिछड़ गई है। 4 अलग-अलग पैकेजों में बांटे गए इस प्रोजेक्ट का अब तक आधा काम ही पूरा हो सका है। पहले इसे मार्च 2026 से पूर्व चालू करने का लक्ष्य था, लेकिन अब यात्रियों को अगले लोकसभा चुनाव तक इंतजार करना होगा। बिहार का पहला ग्रीनफील्ड नॉर्थ साउथ कॉरिडोर (औरंगाबाद-गया के आमस से दरभंगा के बेला) लोकसभा चुनाव के पहले ही पूरी तरह चालू हो पाएगा। 4 अलग-अलग पैकेजों में बन रहे इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर में जमीन अधिग्रहण की बाधाएं अब खत्म हो चुकी हैं, फिर भी निर्माण एजेंसियों की धीमी कार्यशैली के चलते परियोजना लटकी हुई है। बीते मार्च में ही इस अहम राजमार्ग को चालू होना था। 4 पैकेज में बन रहा यह पूरा कॉरिडोर अब तक औसत 50% ही बन पाया है। 199 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को मार्च 2028 तक चालू करने की अवधि बढ़ा दी गई है। नये एलाइनमेंट पर बनने वाली इस कॉरिडोर को नेशनल हाइवे (एनएच-119 डी) घोषित किया है। खास फायदे… आमस-दरभंगा कॉरिडोर से बिहार को क्या मिलेगा
निर्माण एजेंसियों की सुस्ती से 2028 तक टली परियोजना 6930 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण का विवाद पूरी तरह निपट चुका है। इसके बावजूद निर्माण एजेंसियों द्वारा काम में तेजी न ला पाने से परियोजना पिछड़ गई है। 4 अलग-अलग पैकेजों में बांटे गए इस प्रोजेक्ट का अब तक आधा काम ही पूरा हो सका है। पहले इसे मार्च 2026 से पूर्व चालू करने का लक्ष्य था, लेकिन अब यात्रियों को अगले लोकसभा चुनाव तक इंतजार करना होगा।  

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