कटिहार नगर निगम क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को सही तरीके से लागू करने के लिए शनिवार को एक खास बैठक हुई। यह बैठक नगर निगम सभा भवन में होटल और विवाह भवन चलाने वालों के साथ की गई। बैठक दोपहर 3:30 बजे शुरू हुई। इसका मकसद शहर से निकलने वाले ठोस कचरे को ठीक से जमा करने, रखने और निपटाने की व्यवस्था को बेहतर बनाना था। बैठक की अगुवाई कटिहार नगर निगम की महापौर ऊषा देवी अग्रवाल ने की। इस दौरान डिप्टी मेयर मंजूर खान, नगर आयुक्त संतोष कुमार और स्थायी समिति के सदस्य प्रमोद महतो भी मौजूद थे। इनके अलावा, स्वच्छता अधिकारी, नगर निगम के जुड़े अधिकारी-कर्मचारी और शहर के कई होटल-विवाह भवनों के प्रबंधक भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में इस बात पर खास जोर दिया गया कि होटल और विवाह भवनों से हर दिन निकलने वाले ठोस कचरे को वहीं पर अलग किया जाए। अधिकारियों ने संचालकों से कहा कि वे गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखें। साथ ही, कचरे को सही से जमा करें और नगर निगम की तय व्यवस्था के जरिए उसे ठीक से निपटाएं। प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने और कचरे को खुले में न फेंकने के लिए भी जरूरी निर्देश दिए गए। महापौर ऊषा देवी अग्रवाल ने बताया कि शहर को साफ, सुंदर और व्यवस्थित रखने में होटल और विवाह भवन चलाने वालों की खास भूमिका है। इन जगहों पर बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं, जिससे हर दिन काफी कचरा निकलता है। इसलिए कचरे का सही तरीके से प्रबंधन करना बहुत जरूरी है। उन्होंने सभी संचालकों से नगर निगम के साथ तालमेल बनाकर नियमों का पालन करने और साफ-सफाई में सहयोग देने की गुजारिश की। नगर आयुक्त संतोष कुमार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के नियमों की जानकारी दी। उन्होंने इन नियमों का सही से पालन करने के लिए जरूरी निर्देश भी दिए। उन्होंने होटल और विवाह भवन प्रबंधकों से कहा कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठानों में कचरा प्रबंधन की सही व्यवस्था करें। बैठक में नगर निगम ने साफ किया कि साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी जुड़े संस्थानों का सहयोग बहुत जरूरी है। बैठक में संचालकों से नियमों के अनुरूप व्यवस्था लागू करने और नगर निगम के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने पर भी चर्चा हुई।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और नियमसम्मत बनाना है, ताकि स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और नागरिकों को बेहतर एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। कटिहार नगर निगम क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को सही तरीके से लागू करने के लिए शनिवार को एक खास बैठक हुई। यह बैठक नगर निगम सभा भवन में होटल और विवाह भवन चलाने वालों के साथ की गई। बैठक दोपहर 3:30 बजे शुरू हुई। इसका मकसद शहर से निकलने वाले ठोस कचरे को ठीक से जमा करने, रखने और निपटाने की व्यवस्था को बेहतर बनाना था। बैठक की अगुवाई कटिहार नगर निगम की महापौर ऊषा देवी अग्रवाल ने की। इस दौरान डिप्टी मेयर मंजूर खान, नगर आयुक्त संतोष कुमार और स्थायी समिति के सदस्य प्रमोद महतो भी मौजूद थे। इनके अलावा, स्वच्छता अधिकारी, नगर निगम के जुड़े अधिकारी-कर्मचारी और शहर के कई होटल-विवाह भवनों के प्रबंधक भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में इस बात पर खास जोर दिया गया कि होटल और विवाह भवनों से हर दिन निकलने वाले ठोस कचरे को वहीं पर अलग किया जाए। अधिकारियों ने संचालकों से कहा कि वे गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखें। साथ ही, कचरे को सही से जमा करें और नगर निगम की तय व्यवस्था के जरिए उसे ठीक से निपटाएं। प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने और कचरे को खुले में न फेंकने के लिए भी जरूरी निर्देश दिए गए। महापौर ऊषा देवी अग्रवाल ने बताया कि शहर को साफ, सुंदर और व्यवस्थित रखने में होटल और विवाह भवन चलाने वालों की खास भूमिका है। इन जगहों पर बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं, जिससे हर दिन काफी कचरा निकलता है। इसलिए कचरे का सही तरीके से प्रबंधन करना बहुत जरूरी है। उन्होंने सभी संचालकों से नगर निगम के साथ तालमेल बनाकर नियमों का पालन करने और साफ-सफाई में सहयोग देने की गुजारिश की। नगर आयुक्त संतोष कुमार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के नियमों की जानकारी दी। उन्होंने इन नियमों का सही से पालन करने के लिए जरूरी निर्देश भी दिए। उन्होंने होटल और विवाह भवन प्रबंधकों से कहा कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठानों में कचरा प्रबंधन की सही व्यवस्था करें। बैठक में नगर निगम ने साफ किया कि साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी जुड़े संस्थानों का सहयोग बहुत जरूरी है। बैठक में संचालकों से नियमों के अनुरूप व्यवस्था लागू करने और नगर निगम के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने पर भी चर्चा हुई।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और नियमसम्मत बनाना है, ताकि स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और नागरिकों को बेहतर एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

