मुजफ्फरपुर के राजकीय आईटीआई कॉलेज परिसर में शुक्रवार को लगे जिला स्तरीय नियोजन सह व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले में युवाओं को नौकरी के साथ अपनी पसंद की जॉब तलाशने का मौका मिला। 21 कंपनियां युवाओं के लिए अलग-अलग पदों पर भर्ती करने पहुंचीं। मेले में 400 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हुआ। हालांकि, सभी युवाओं की तलाश एक जैसी नहीं रही। किसी को घर के पास नौकरी मिली तो कोई पहली बार नौकरी पाने की खुशी लेकर लौटा। वहीं, कुछ युवाओं को अपनी पसंद का काम नहीं मिलने पर वापस लौटना पड़ा। गुजरात की 28 हजार की नौकरी छोड़ी, अब घर के पास 15 हजार में खुशी औराई के बहादुर असलपुर निवासी प्रिंस कुमार रोजगार मेले में नौकरी की तलाश में पहुंचे थे। उन्हें Airtel कंपनी में नौकरी मिल गई। उनकी पोस्टिंग औराई में ही हुई है। यानी अब उन्हें नौकरी के लिए अपना घर छोड़कर बाहर नहीं जाना पड़ेगा। प्रिंस ने बताया कि वे पहले गुजरात के हंसलपुर स्थित Maruti Suzuki कंपनी में काम करते थे। वहां करीब एक साल नौकरी की। उन्हें करीब 28,300 रुपए सैलरी मिलती थी, जिसमें करीब 25,300 रुपए इन हैंड आते थे। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण उन्होंने वहां की नौकरी छोड़ दी और मुजफ्फरपुर वापस लौट आए। इसके बाद उन्हें आईटीआई में रोजगार मेला लगने की जानकारी मिली। वे मेले में पहुंचे और Airtel में आवेदन किया। चयन के बाद उन्हें 15 हजार रुपए मासिक वेतन के साथ फील्ड वर्क के लिए पेट्रोल की सुविधा मिलने की जानकारी दी गई। प्रिंस ने कहा कि घर के पास नौकरी मिलने से वे काफी खुश हैं। उन्होंने दूसरे युवाओं से भी रोजगार मेले में पहुंचकर कंपनियों में आवेदन करने की अपील की। पहली नौकरी मिली, अब चेन्नई जाएंगे पूर्वी चंपारण से रोजगार मेले में पहुंचे नितेश कुमार पहली बार नौकरी के लिए आवेदन करने आए थे। उनका चयन Richo Auto Industries Pvt. Ltd. में Associate Engineer Trainee के पद पर हुआ है। उनकी जॉइनिंग 25 सितंबर से बताई गई है और जॉब लोकेशन तमिलनाडु के चेन्नई में मिली है। नितेश को 20,801 रुपए मासिक वेतन मिलेगा। उन्होंने बताया कि वे फ्रेशर हैं और यह उनकी पहली नौकरी है। पहली नौकरी मिलने से वे काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि फ्रेशर के तौर पर यह अवसर उनके लिए अच्छा है। कई काउंटर देखे, लेकिन मनपसंद नौकरी नहीं मिली मुजफ्फरपुर के जूरन छपरा निवासी पुष्कर पुष्प भी रोजगार मेले में नौकरी की तलाश में पहुंचे थे। उन्होंने अलग-अलग काउंटर पर जाकर कंपनियों और पदों की जानकारी ली, लेकिन किसी पद के लिए आवेदन नहीं किया। पुष्कर ने बताया कि मेले में ज्यादातर नौकरियां फील्ड ऑफिसर या फील्ड वर्क से जुड़ी हैं। उन्हें फील्ड में काम करने में रुचि नहीं है। वे पहले ऑफिस सेक्टर में काम कर चुके हैं, इसलिए अपनी पसंद के काम की तलाश में थे। कई नौकरियों की लोकेशन बिहार से बाहर होने के कारण भी उन्होंने आवेदन नहीं किया और वापस लौट गए। 21 कंपनियां पहुंचीं, 400 से अधिक का चयन नियोजन मेले में विभिन्न क्षेत्रों की 21 कंपनियों ने हिस्सा लिया। रोजगार की तलाश में पहुंचे युवाओं ने कंपनियों के प्रतिनिधियों के सामने बायोडाटा जमा किया और अलग-अलग पदों के लिए इंटरव्यू दिया। मेले में 400 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया गया। मेले का उद्देश्य स्थानीय युवाओं और नियोक्ताओं को एक मंच पर लाकर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में बोचहां विधायक बेबी कुमारी भी मौजूद रहीं। उन्होंने चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए और युवाओं से अपनी योग्यता व कौशल को लगातार बढ़ाने की अपील की। मुजफ्फरपुर के राजकीय आईटीआई कॉलेज परिसर में शुक्रवार को लगे जिला स्तरीय नियोजन सह व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले में युवाओं को नौकरी के साथ अपनी पसंद की जॉब तलाशने का मौका मिला। 21 कंपनियां युवाओं के लिए अलग-अलग पदों पर भर्ती करने पहुंचीं। मेले में 400 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हुआ। हालांकि, सभी युवाओं की तलाश एक जैसी नहीं रही। किसी को घर के पास नौकरी मिली तो कोई पहली बार नौकरी पाने की खुशी लेकर लौटा। वहीं, कुछ युवाओं को अपनी पसंद का काम नहीं मिलने पर वापस लौटना पड़ा। गुजरात की 28 हजार की नौकरी छोड़ी, अब घर के पास 15 हजार में खुशी औराई के बहादुर असलपुर निवासी प्रिंस कुमार रोजगार मेले में नौकरी की तलाश में पहुंचे थे। उन्हें Airtel कंपनी में नौकरी मिल गई। उनकी पोस्टिंग औराई में ही हुई है। यानी अब उन्हें नौकरी के लिए अपना घर छोड़कर बाहर नहीं जाना पड़ेगा। प्रिंस ने बताया कि वे पहले गुजरात के हंसलपुर स्थित Maruti Suzuki कंपनी में काम करते थे। वहां करीब एक साल नौकरी की। उन्हें करीब 28,300 रुपए सैलरी मिलती थी, जिसमें करीब 25,300 रुपए इन हैंड आते थे। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण उन्होंने वहां की नौकरी छोड़ दी और मुजफ्फरपुर वापस लौट आए। इसके बाद उन्हें आईटीआई में रोजगार मेला लगने की जानकारी मिली। वे मेले में पहुंचे और Airtel में आवेदन किया। चयन के बाद उन्हें 15 हजार रुपए मासिक वेतन के साथ फील्ड वर्क के लिए पेट्रोल की सुविधा मिलने की जानकारी दी गई। प्रिंस ने कहा कि घर के पास नौकरी मिलने से वे काफी खुश हैं। उन्होंने दूसरे युवाओं से भी रोजगार मेले में पहुंचकर कंपनियों में आवेदन करने की अपील की। पहली नौकरी मिली, अब चेन्नई जाएंगे पूर्वी चंपारण से रोजगार मेले में पहुंचे नितेश कुमार पहली बार नौकरी के लिए आवेदन करने आए थे। उनका चयन Richo Auto Industries Pvt. Ltd. में Associate Engineer Trainee के पद पर हुआ है। उनकी जॉइनिंग 25 सितंबर से बताई गई है और जॉब लोकेशन तमिलनाडु के चेन्नई में मिली है। नितेश को 20,801 रुपए मासिक वेतन मिलेगा। उन्होंने बताया कि वे फ्रेशर हैं और यह उनकी पहली नौकरी है। पहली नौकरी मिलने से वे काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि फ्रेशर के तौर पर यह अवसर उनके लिए अच्छा है। कई काउंटर देखे, लेकिन मनपसंद नौकरी नहीं मिली मुजफ्फरपुर के जूरन छपरा निवासी पुष्कर पुष्प भी रोजगार मेले में नौकरी की तलाश में पहुंचे थे। उन्होंने अलग-अलग काउंटर पर जाकर कंपनियों और पदों की जानकारी ली, लेकिन किसी पद के लिए आवेदन नहीं किया। पुष्कर ने बताया कि मेले में ज्यादातर नौकरियां फील्ड ऑफिसर या फील्ड वर्क से जुड़ी हैं। उन्हें फील्ड में काम करने में रुचि नहीं है। वे पहले ऑफिस सेक्टर में काम कर चुके हैं, इसलिए अपनी पसंद के काम की तलाश में थे। कई नौकरियों की लोकेशन बिहार से बाहर होने के कारण भी उन्होंने आवेदन नहीं किया और वापस लौट गए। 21 कंपनियां पहुंचीं, 400 से अधिक का चयन नियोजन मेले में विभिन्न क्षेत्रों की 21 कंपनियों ने हिस्सा लिया। रोजगार की तलाश में पहुंचे युवाओं ने कंपनियों के प्रतिनिधियों के सामने बायोडाटा जमा किया और अलग-अलग पदों के लिए इंटरव्यू दिया। मेले में 400 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया गया। मेले का उद्देश्य स्थानीय युवाओं और नियोक्ताओं को एक मंच पर लाकर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में बोचहां विधायक बेबी कुमारी भी मौजूद रहीं। उन्होंने चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए और युवाओं से अपनी योग्यता व कौशल को लगातार बढ़ाने की अपील की।

