Sugar Price Latest News: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले सरकार ने चीनी की सप्लाई को लेकर बड़ा फैसला लिया है। थोक में चीनी खरीदने वाले बड़े ग्राहकों के लिए स्टॉक रखने की सीमा अब 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी गई है। हालांकि, यहां एक अहम शर्त भी रखी गई है। 15 दिन से ज्यादा का अतिरिक्त स्टॉक सिर्फ पात्र आयातित चीनी से ही रखा जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली मांग को पूरा करना है, लेकिन इसके लिए घरेलू बाजार में उपलब्ध चीनी के स्टॉक पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ना चाहिए।
घरेलू बाजार से खरीद पर 15 दिन की सीमा
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के मुताबिक, थोक उपभोक्ता खुले बाजार से जितनी चीनी खरीदते हैं, उससे 15 दिन की खपत के बराबर ही स्टॉक रखा जा सकेगा। अगर कोई कंपनी इससे ज्यादा चीनी का स्टॉक रखना चाहती है तो अतिरिक्त मात्रा उसे तय शर्तों के तहत आयातित चीनी से पूरी करनी होगी। इसमें Advance Authorisation Scheme यानी AAS और Tariff Rate Quota यानी TRQ के तहत आने वाली आयातित चीनी शामिल है। थोक ग्राहकों को हर शुक्रवार अपने चीनी स्टॉक की जानकारी सरकार के ऑनलाइन पोर्टल पर भी देनी होगी।
त्योहारों में बढ़ जाती है चीनी की मांग
त्योहारी मौसम में मिठाई, बिस्किट, पेय पदार्थ, पैकेज्ड फूड और दूसरी खाद्य चीजों की मांग बढ़ जाती है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ता है। फूड और बेवरेज कंपनियों के अलावा होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग कंपनियां और प्रोसेस्ड फूड बनाने वाली कंपनियां भी इस दौरान ज्यादा चीनी खरीदती हैं। ऐसे में सरकार ने अतिरिक्त स्टॉक रखने की अनुमति देकर उद्योगों के लिए सप्लाई का रास्ता आसान करने की कोशिश की है। हालांकि, सरकार ने यह छूट इस तरह दी है कि घरेलू बाजार से अचानक बड़ी मात्रा में चीनी उठने का दबाव न बने।
सरकार ने 10 लाख टन चीनी आयात की भी दी मंजूरी
घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार पहले ही 21 अगस्त को 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दे चुकी है। अब अतिरिक्त स्टॉक को पात्र आयातित चीनी से जोड़ने का फैसला इसी दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। सरकार का जोर है कि उद्योगों को जरूरत के मुताबिक चीनी मिलती रहे, लेकिन घरेलू स्टॉक पर बोझ न बढ़े।
चीनी के दाम अब नरम पड़ने लगे
चीनी की कीमतों में हाल की तेजी के बाद अब कुछ राहत देखने को मिल रही है। सरकार के मुताबिक, खुदरा बाजार में चीनी का भाव अगस्त में करीब 65 रुपये प्रति किलो था, जो अब घटकर लगभग 58.50 रुपये प्रति किलो रह गया है। यानी कीमत में करीब 10% की कमी आई है। चीनी मिलों से निकलने वाली यानी एक्स-मिल कीमतों में गिरावट इससे भी ज्यादा रही है। सरकार के अनुसार, एक्स-मिल कीमत करीब 25% घट चुकी है। हालांकि, मिल स्तर पर कीमत कम होने का पूरा फायदा अभी ग्राहकों तक नहीं पहुंचा है। खुदरा कीमतों में गिरावट अपेक्षाकृत कम रहने से यही संकेत मिलता है।
बड़े शहरों में चीनी के रिटेल भाव
चीनीमंडी के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली में चीनी का रिटेल भाव 54 रुपये प्रति किलो रहा। कानपुर में यह भाव 52 रुपये प्रति किलो, रायपुर में 54 रुपये प्रति किलो, मुंबई में 53 रुपये प्रति किलो, रांची में 55 रुपये प्रति किलो, कोलकाता में 55 रुपये प्रति किलो, गुवाहाटी में 56 रुपये प्रति किलो, हैदराबाद में 53 रुपये प्रति किलो और चेन्नई में 58 रुपये प्रति किलो रहा।

