समस्तीपुर- नेहा झा की विशेष उत्पाद कोर्ट में हुई पेशी:14 दिन बढ़ाई कस्टडी, 1 अक्टूबर को अगली सुनवाई; विदेशी शराब के साथ हुई थी गिरफ्तारी

समस्तीपुर- नेहा झा की विशेष उत्पाद कोर्ट में हुई पेशी:14 दिन बढ़ाई कस्टडी, 1 अक्टूबर को अगली सुनवाई; विदेशी शराब के साथ हुई थी गिरफ्तारी

समस्तीपुर में स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास से सीधे हवालात पहुंची शराब तस्कर नेहा झा की गुरुवार को विशेष उत्पाद कोर्ट में पेशी हुई। कोर्ट में हाजिरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे दोबारा जेल भेज दिया गया। कोर्ट ने नेहा की कस्टडी 14 दिनों के लिए बढ़ा दी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी। जानकारी के मुताबिक नेहा झा की पेशी 18 सितंबर को होनी थी। नियमानुसार 17 सितंबर को उसे कस्टडी के लिए मंडल कारा से कोर्ट लाया गया था। कोर्ट में उसकी कस्टडी की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इसी दौरान पेशी की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। फिलहाल उसे 1 अक्टूबर तक जेल में रहना होगा। कस्तूरबा सेल में रह रही नेहा दरअसल, शुक्रवार(4 सितंबर) को दिल्ली से दरभंगा जा रही नेहा झा को समस्तीपुर में आरपीएफ ने पकड़ लिया। उसके पास आठ ब्रीफकेस और दो बैग थे।आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे की सीआईडी टीम की संयुक्त कार्रवाई में उसके पास से करीब डेढ़ लाख रुपए मूल्य की शराब बरामद हुई थी। नेहा के साथ उसकी बड़ी बहन का देवर और बीटेक उच्च इंजीनियर ईशान कुमार भी मौजूद था। शराब तस्करी में पकड़ी गई नेहा के बारे में पढ़िए… नेहा समस्तीपुर जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर सिंघिया थाना क्षेत्र के बारी गांव के वार्ड-12 की रहने वाली है। वह संजय कुमार झा की बेटी है। उसकी मां पुनीता झा आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका हैं। उसके दादा शशिभूषण झा बारी पंचायत के पैक्स अध्यक्ष रह चुके हैं। नेहा चार बहनों में सबसे छोटी है। उसके साथ गिरफ्तार ईशान कुमार उसकी बड़ी बहन अंशु झा का देवर है। नेहा की दूसरी बहन निशु झा को दरभंगा पुलिस शराब मामले में दो बार गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं तीसरी बहन अंजू झा दरभंगा के एक डायग्नोस्टिक सेंटर में काम करती है। पिता भी जेल जा चुके हैं नेहा ने दरभंगा के केएस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है। उसके पिता पंकज कुमार झा खेती-किसानी करते हैं। उन्हें भी करीब दो वर्ष पूर्व सिंघिया पुलिस शराब के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। नेहा के दो भाई भी हैं। एक भाई गांव में रहकर मैट्रिक की पढ़ाई कर रहा है। दूसरा भाई इंटरमीडिएट के बाद सिंघिया में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। इस बार नीट में सफलता नहीं मिलने के बाद वह नशे की चपेट में आ गया। परिजनों के अनुसार, उसका मुजफ्फरपुर के नशामुक्ति केंद्र में कई दिनों तक इलाज भी चला था। दरभंगा में बड़े लोगों तक शराब पहुंचाने का नेटवर्क होने की चर्चा ग्रामीणों के बीच हो रही चर्चा और पुलिस को मिल रही सूचनाओं के अनुसार, नेहा और उसकी बहनों का दरभंगा में शराब की होम डिलीवरी से जुड़ा नेटवर्क हो सकता है। ग्रामीण सुमित के मुताबिक, नेहा अपनी बेहतर बातचीत और हाई-प्रोफाइल लोगों के बीच पहचान के कारण शराब पहुंचाने का काम करती थी। पुलिस को यह भी सूचना मिली है कि उसने अपने साथ कई लड़कियों को जोड़ रखा था। हालांकि, इन दावों की पुलिस स्तर से अभी पुष्टि नहीं हुई है। बहनों के साथ मिलकर शराब का धंधा चलाती ग्रामीणों के अनुसार, चारों बहनों को उनके पिता ने पढ़ाई के लिए दरभंगा भेजा था। बाद में वहीं रहकर उनकी संगत और गतिविधियों में बदलाव आया। बताया जाता है कि नेहा की बड़ी बहन भी शराब के मामले में दरभंगा पुलिस के हाथों गिरफ्तार होकर जेल जा चुकी है। पुलिस के अनुसार, नेहा और उसकी बहनों के दरभंगा में किराए के मकान में रहने की भी जानकारी मिली है। हालांकि, डायग्नोस्टिक सेंटर में काम करने वाली अंजू झा के खिलाफ शराब से जुड़ा कोई मामला सामने नहीं आया है। समस्तीपुर में स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास से सीधे हवालात पहुंची शराब तस्कर नेहा झा की गुरुवार को विशेष उत्पाद कोर्ट में पेशी हुई। कोर्ट में हाजिरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे दोबारा जेल भेज दिया गया। कोर्ट ने नेहा की कस्टडी 14 दिनों के लिए बढ़ा दी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी। जानकारी के मुताबिक नेहा झा की पेशी 18 सितंबर को होनी थी। नियमानुसार 17 सितंबर को उसे कस्टडी के लिए मंडल कारा से कोर्ट लाया गया था। कोर्ट में उसकी कस्टडी की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इसी दौरान पेशी की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। फिलहाल उसे 1 अक्टूबर तक जेल में रहना होगा। कस्तूरबा सेल में रह रही नेहा दरअसल, शुक्रवार(4 सितंबर) को दिल्ली से दरभंगा जा रही नेहा झा को समस्तीपुर में आरपीएफ ने पकड़ लिया। उसके पास आठ ब्रीफकेस और दो बैग थे।आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे की सीआईडी टीम की संयुक्त कार्रवाई में उसके पास से करीब डेढ़ लाख रुपए मूल्य की शराब बरामद हुई थी। नेहा के साथ उसकी बड़ी बहन का देवर और बीटेक उच्च इंजीनियर ईशान कुमार भी मौजूद था। शराब तस्करी में पकड़ी गई नेहा के बारे में पढ़िए… नेहा समस्तीपुर जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर सिंघिया थाना क्षेत्र के बारी गांव के वार्ड-12 की रहने वाली है। वह संजय कुमार झा की बेटी है। उसकी मां पुनीता झा आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका हैं। उसके दादा शशिभूषण झा बारी पंचायत के पैक्स अध्यक्ष रह चुके हैं। नेहा चार बहनों में सबसे छोटी है। उसके साथ गिरफ्तार ईशान कुमार उसकी बड़ी बहन अंशु झा का देवर है। नेहा की दूसरी बहन निशु झा को दरभंगा पुलिस शराब मामले में दो बार गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं तीसरी बहन अंजू झा दरभंगा के एक डायग्नोस्टिक सेंटर में काम करती है। पिता भी जेल जा चुके हैं नेहा ने दरभंगा के केएस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है। उसके पिता पंकज कुमार झा खेती-किसानी करते हैं। उन्हें भी करीब दो वर्ष पूर्व सिंघिया पुलिस शराब के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। नेहा के दो भाई भी हैं। एक भाई गांव में रहकर मैट्रिक की पढ़ाई कर रहा है। दूसरा भाई इंटरमीडिएट के बाद सिंघिया में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। इस बार नीट में सफलता नहीं मिलने के बाद वह नशे की चपेट में आ गया। परिजनों के अनुसार, उसका मुजफ्फरपुर के नशामुक्ति केंद्र में कई दिनों तक इलाज भी चला था। दरभंगा में बड़े लोगों तक शराब पहुंचाने का नेटवर्क होने की चर्चा ग्रामीणों के बीच हो रही चर्चा और पुलिस को मिल रही सूचनाओं के अनुसार, नेहा और उसकी बहनों का दरभंगा में शराब की होम डिलीवरी से जुड़ा नेटवर्क हो सकता है। ग्रामीण सुमित के मुताबिक, नेहा अपनी बेहतर बातचीत और हाई-प्रोफाइल लोगों के बीच पहचान के कारण शराब पहुंचाने का काम करती थी। पुलिस को यह भी सूचना मिली है कि उसने अपने साथ कई लड़कियों को जोड़ रखा था। हालांकि, इन दावों की पुलिस स्तर से अभी पुष्टि नहीं हुई है। बहनों के साथ मिलकर शराब का धंधा चलाती ग्रामीणों के अनुसार, चारों बहनों को उनके पिता ने पढ़ाई के लिए दरभंगा भेजा था। बाद में वहीं रहकर उनकी संगत और गतिविधियों में बदलाव आया। बताया जाता है कि नेहा की बड़ी बहन भी शराब के मामले में दरभंगा पुलिस के हाथों गिरफ्तार होकर जेल जा चुकी है। पुलिस के अनुसार, नेहा और उसकी बहनों के दरभंगा में किराए के मकान में रहने की भी जानकारी मिली है। हालांकि, डायग्नोस्टिक सेंटर में काम करने वाली अंजू झा के खिलाफ शराब से जुड़ा कोई मामला सामने नहीं आया है।  

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