Rajasthan Politics: ‘2-2 करोड़ की खरीद-फरोख्त’ के आरोप पर मंत्री बेढम का गहलोत पर पलटवार, 2020 की बाड़ाबंदी दिलाई याद

Rajasthan Politics: ‘2-2 करोड़ की खरीद-फरोख्त’ के आरोप पर मंत्री बेढम का गहलोत पर पलटवार, 2020 की बाड़ाबंदी दिलाई याद

जयपुर। नगरीय निकायों में महापौर, सभापति और अध्यक्ष की कुर्सी के लिए बहुमत का आंकड़ा स्पष्ट नहीं होने वाले निकायों में जोड़तोड़ के साथ आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार शाम को प्रेसवार्ता कर पार्षदों की दो-दो करोड़ रुपए में खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पलटवार करते हुए कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और कानून से ऊपर कोई नहीं है। वहीं, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने भी अशोक गहलोत पर तीखा पलटवार करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का 2-2 करोड़ की खरीद-फरोख्त का आरोप पूरी तरह गलत, मिथ्या और बेबुनियाद है। भाजपा बोर्ड जनता के जनादेश से बन रहे हैं, नोटों से नहीं। कांग्रेस अपनी बाड़ाबंदी और हॉर्स ट्रेडिंग की संस्कृति को भाजपा पर थोपना बंद करे। वर्ष 2020 में किस तरह पूरी कांग्रेस सरकार को जैसलमेर के होटल सूर्यगढ़ और जयपुर के फेयरमोंट में महीनों तक बाड़ाबंदी में रखा गया था। ये हॉर्स ट्रेडिंग नहीं तो क्या था?

राजस्थान में कानून के अनुसार काम हो रहा: मदन राठौड़

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में कानून के अनुसार काम हो रहा है और किसी को कानून से ऊपर रहने की अनुमति नहीं है। गहलोत ने माना कि भाजपा से नाराजगी के बावजूद कांग्रेस मतदाताओं को अपने पक्ष में नहीं ला सकी और वह मतदाता निर्दलीय प्रत्याशियों की ओर चला गया। राठौड़ ने परिसीमन संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस को प्रक्रिया पर आपत्ति थी तो उसे नियमानुसार दर्ज करानी चाहिए थी।

अशोक गहलोत ने दिया था ये बयान

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निकायों में चल रहे चुनावी घटनाक्रम को लेकर भाजपा और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों की धरपकड़ और डराने-धमकाने के आरोप सामने आ रहे हैं। वहीं डेढ़ करोड़ से ढाई करोड़ रुपए तक की खरीद-फरोख्त की शिकायतें मिल रही हैं। पार्षदों को दो-दो करोड़ रुपए के ऑफर दिए जा रहे हैं। अब निकायों में बोर्ड भाजपा के नहीं, ‘लक्ष्मीजी’ के बनेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के दुरुपयोग का भी आरोप लगाते हुए कहा कि आइएएस अधिकारियों से जिलों में भाजपा को जिताने के लिए फोन करवाए जा रहे हैं। उन्होंने चुनाव से पहले हुए परिसीमन में भी बड़े स्तर पर गड़बड़ी का आरोप लगाया और अपने सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र में चार वाडों को एक किए जाने की बात कही।

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