डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में विश्व मरीज सुरक्षा दिवस पर एक खास कार्यशाला हुई। इसका मकसद अस्पताल में मरीजों को सुरक्षित रखना और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना था। डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज की पेशेंट सेफ्टी नोडल ऑफिसर रेखा रोत ने बताया कि मरीजों को छोटी गलतियों से होने वाले नुकसान से बचाना ही इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य है। कार्यशाला में सभी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय और स्वीपर्स को शामिल किया गया। उन्हें टीम के रूप में काम करने पर जोर दिया गया, ताकि मरीजों को कोई दिक्कत न हो। कार्यशाला में मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण से बचाने के तरीकों पर बात हुई। हाथों की सही सफाई और साफ-सफाई बनाए रखने का अभ्यास भी कराया गया। अस्पताल के कचरे (बायोमेडिकल वेस्ट) को सही तरीके से कैसे ठिकाने लगाएं, इस पर भी चर्चा हुई। किस डिब्बे का इस्तेमाल करना है और किन नियमों का पालन करना है, यह बताया गया। रेखा रोत ने बताया कि कार्यशाला में WHO के 11 लक्ष्यों पर लेक्चर दिए गए। ये लक्ष्य विश्व स्वास्थ्य संगठन के राष्ट्रीय प्रदर्शन लक्ष्यों पर आधारित थे। इन सिद्धांतों को प्रैक्टिकल तरीके से लागू करके दिखाया गया, ताकि मरीजों की देखभाल में होने वाली छोटी गलतियों को सुधारा जा सके।

