Sensex में 22 अंक की मामूली गिरावट, Nifty 23270 अंक पर बढ़त के साथ हुआ बंद

Sensex में 22 अंक की मामूली गिरावट, Nifty 23270 अंक पर बढ़त के साथ हुआ बंद

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने और मौद्रिक नीति में आगे भी सख्ती के संकेत दिए जाने के बाद निवेशकों के सतर्कता बरतने से बृहस्पतिवार को घरेलू शेयर बाजार लगभग स्थिर बंद हुए। बीएसई का 30 शेयर पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 21.86 अंक यानी 0.03 प्रतिशत फिसलकर 74,314.59 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 341.11 अंक यानी 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,677.56 पर पहुंच गया था।

लेकिन बाद में अपनी बढ़त गंवा बैठा। हालांकि, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयर वाला मानक सूचकांक निफ्टी 53 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 23,270.60 पर बंद हुआ। सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से एचडीएफसी बैंक, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल और एक्सिस बैंक के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट रही।

दूसरी तरफ, टाटा स्टील, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), इटर्नल, मारुति और एशियन पेंट्स के शेयर बढ़त में रहे। एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में कारोबार के बाद मिले-जुले रुख के साथ बंद हुआ। चुनिंदा शेयरों में लिवाली से निफ्टी को समर्थन मिला, लेकिन निजी क्षेत्र के बैंकों और आईटी कंपनियों के शेयर में कमजोर रुख ने व्यापक सुधार को सीमित कर दिया।’’
छोटी कंपनियों से संबंधित बीएसई स्मॉलकैप सिलेक्ट सूचकांक 0.95 प्रतिशत और मझोली कंपनियों मिडकैप सिलेक्ट सूचकांक 0.72 प्रतिशत चढ़ा।

बीएसई के क्षेत्रवार सूचकांकों में बीमा क्षेत्र में सबसे अधिक 3.23 प्रतिशत की तेजी रही। दूसरी ओर शीर्ष 10 बैंक का सूचकांक 0.72 प्रतिशत टूटा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने तथा इस साल एक और बढ़ोतरी के संकेत दिए जाने के बाद बाजार की धारणा सतर्क बनी रही।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘ वैश्विक बाजारों से मिले संकेत अनिश्चितता का एक प्रमुख कारण बने रहे। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी और आगे भी दरें बढ़ाने के संकेत से डॉलर एवं बॉन्ड प्रतिफल ऊंचे बने रहे। ब्रेंट कच्चा तेल 104 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहा, हालांकि आपूर्ति की स्थिति में सुधार की उम्मीद के बीच इसमें हाल के उच्च स्तर से नरमी आई।’’
उन्होंने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है, जबकि आईपीओ गतिविधियों के जारी रहने से भी बाजार में नकदी की स्थिति पर असर पड़ा।

देश के सबसे बड़े शेयर बाजार का संचालन करने वाली कंपनी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) का 22,569 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बृहस्पतिवार को बोली के लिए खुल गया। एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की बढ़त में बंद हुआ, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजारों में दोपहर काराबार में बढ़त का रुख था।

अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 1.61 प्रतिशत टूटकर 104.1 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,032.61 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की।

सेंसेक्स बुधवार को 332.63 अंक और निफ्टी 99 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *