महोबा में किसान अपने खेत में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि लगातार फसल नुकसान और साहूकारों के कर्ज व उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बुधवार दोपहर करीब 3 बजे शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला खरेला थाना क्षेत्र के हले थर्ड मोहल्ले का है। पांच बीघा अपनी, 100 बीघा बटाई पर लेते थे किसान हरगोविंद प्रजापति (52) के पास पांच बीघा अपनी जमीन थी। परिवार का खर्च चलाने के लिए वह गांव में करीब 100 बीघा जमीन बटाई और बलकट पर लेकर खेती करते थे। परिजनों के मुताबिक, पिछले चार साल से फसल अच्छी नहीं हो रही थी। इस साल फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई। साहूकारों पर उत्पीड़न का आरोप मृतक के बेटे बाबूराम और रिश्तेदार दिलीप कुमार ने बताया कि लगातार नुकसान के कारण हरगोविंद साहूकारों के कर्ज में दब गए थे। उनका आरोप है कि रकम वापस न कर पाने पर साहूकार उन्हें अपमानित करते थे, फोन पर गालियां देते थे और रास्ता रोककर दबाव बनाते थे। परिजनों ने फसल बर्बादी और कथित उत्पीड़न को घटना की वजह बताया है। परिवार ने आर्थिक मदद की मांग की हरगोविंद तीन बेटों के पिता थे। उनकी मौत से परिवार में मातम है। परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक मदद देने और कथित उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के कारणों समेत पूरे मामले की जांच की जा रही है।

