Mastoiditis Symptoms: कान में हल्का-फुल्का दर्द होना या सनसनाहट महसूस होना एक बहुत ही आम बात है, जिसे अक्सर लोग ठंड लग जाना या फिर कान में मैल जमा होना मानकर छोड़ देते हैं। लेकिन क्या कभी आपने ध्यान दिया है कि कान के ठीक पीछे की हड्डी में दर्द या सूजन तो नहीं आ रही? अगर कान में दर्द के साथ-साथ कान के पीछे सूजन, लालिमा या छूने पर तेज दर्द महसूस हो रहा है, तो यह साधारण कान का दर्द बिल्कुल नहीं है। इस गंभीर समस्या को मास्टॉइडाइटिस (Mastoiditis) कहा जाता है। यह कान के पीछे मौजूद हड्डी में फैलने वाला एक गंभीर संक्रमण (Infection) है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है। आइए समझते हैं कि मास्टॉइडाइटिस क्या है, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं और इससे बचाव या इलाज के लिए क्या कदम उठाने चाहिए।
क्या होता है मास्टॉइडाइटिस?
एनएचएस के मुताबिक, हमारे कान के ठीक पीछे एक विशेष प्रकार की हड्डी होती है, जिसे मास्टॉइड बोन (Mastoid Bone) कहते हैं। इस हड्डी की बनावट स्पंज या मधुमक्खी के छत्ते की तरह होती है, जिसमें छोटे-छोटे छेद और हवा की जगह बनी होती है। जब किसी व्यक्ति को मध्य कान का संक्रमण (Middle Ear Infection) होता है और उसका सही समय पर पूरा इलाज नहीं मिल पाता, तो वह बैक्टीरिया या इन्फेक्शन फैलकर कान के पीछे की इस मास्टॉइड हड्डी तक पहुंच जाता है। इसी हड्डी में होने वाली सूजन और संक्रमण को मास्टॉइडाइटिस कहा जाता है। यह समस्या बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है, लेकिन यह वयस्कों को भी अपनी चपेट में ले सकती है।
कैसे पहचानें इसके शुरुआती लक्षण?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, मास्टॉइडाइटिस के लक्षण काफी स्पष्ट होते हैं। अगर आप थोड़ा सा भी सतर्क रहेंगे, तो इसे आसानी से पहचान सकते हैं;
- कान के पीछे सूजन और लालिमा।
- तेज कान दर्द।
- कान का बाहर की तरफ झुकना।
- कान से मवाद या तरल निकलना।
- तेज बुखार और चिड़चिड़ापन।
- कम सुनाई देना।
यह संक्रमण क्यों और कैसे फैलता है?
मास्टॉइडाइटिस होने की सबसे मुख्य वजह है कान के पुराने या शुरुआती इन्फेक्शन की अनदेखी करना। जब हमें जुकाम, गले में खराश या कान में इन्फेक्शन होता है, तो कान के अंदर रोगाणु (Bacteria) पनपने लगते हैं। यदि उस समय सही एंटीबायोटिक या डॉक्टर की सलाह न ली जाए, तो यह इन्फेक्शन नसों और हवा वाली थैलियों के जरिए सीधे मास्टॉइड हड्डी तक पहुंच जाता है। जिन लोगों की इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) कमजोर होती है, उनमें यह संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ता है।
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
मास्टॉइडाइटिस कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसका इलाज घर पर कोई तेल, बाम या घरेलू नुस्खे डालकर किया जा सके। अगर आपको नीचे दिए गए संकेत दिखें, तो बिना एक मिनट गंवाए तुरंत ईएनटी (ENT – कान, नाक, गला) विशेषज्ञ के पास जाएं;
- कान के पीछे बहुत ज्यादा सूजन आ जाना या छूने पर अत्यधिक दर्द होना।
- बच्चे का बुखार लगातार चढ़ना और कान से मवाद बहना।
- चक्कर आना, सिर घूमना या चेहरे की मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना।
क्या है इसका सही इलाज?
यह एक बैक्टीरिया से होने वाला गंभीर संक्रमण है, इसलिए इसका इलाज पूरी तरह से मेडिकल गाइडेंस में ही होता है, एंटीबायोटिक्स (Antibiotics): शुरुआती दौर में डॉक्टर मरीज को दवाइयां या ड्रिप (IV) के जरिए ताकतवर एंटीबायोटिक देते हैं ताकि इन्फेक्शन वहीं रुक जाए। अगर कान में मवाद बहुत ज्यादा जमा हो गया है, तो डॉक्टर एक छोटी सी प्रक्रिया के जरिए मवाद को बाहर निकाल देते हैं। अगर दवाइयों से आराम नहीं मिलता या इन्फेक्शन बहुत गहरा हो जाता है, तो एक छोटी सी सर्जरी के जरिए हड्डी के संक्रमित हिस्से को साफ कर दिया जाता है।

