सुए से हमले के मामले में Delhi Court ने आरोपी को किया बरी, साक्ष्यों में मिली खामियां

सुए से हमले के मामले में Delhi Court ने आरोपी को किया बरी, साक्ष्यों में मिली खामियां

दिल्ली की एक अदालत ने 2019 में चचेरे भाई पर बर्फ तोड़ने वाले सुए से वार करने के आरोपी एक व्यक्ति को मंगलवार को बरी कर दिया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार दहिया उस मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें कृष्ण गोदारा पर अक्टूबर 2019 में नांगलोई में संजीव गोदारा पर हमला करने के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत आरोप लगाए गए थे। अदालत ने अपने आदेश में कहा, “चिकित्सीय साक्ष्य अभियोजन पक्ष के गवाहों की ओर से दिए गए बयानों से मेल नहीं खाते और कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि आरोपी आईपीसी की धारा 307 के तहत दंडनीय अपराधों का दोषी है।”
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपी ने नशे की हालत में रात में अपने घर के पास एक गली में शिकायतकर्ता को रोका, उसपर अपने पिता को जेल भेजवाने का आरोप लगाया और बर्फ के सुए से उस पर कई बार वार किया।

शिकायतकर्ता की पत्नी और पिता ने गवाही दी कि उन्होंने उसे बचाया और अस्पताल ले गए। अदालत ने गौर किया कि यह मामला काफी हद तक शिकायतकर्ता और उसके परिवार की गवाही पर टिका था, और कोई भी स्वतंत्र गवाह जांच में शामिल नहीं किया गया, जबकि उस इलाके में अक्सर लोगों का आना-जाना रहता है। अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता की पत्नी या पिता के कपड़ों पर खून का एक भी धब्बा नहीं मिला, हालांकि उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने खून से लथपथ व्यक्ति को उठाकर अस्पताल पहुंचाया था।

अदालत ने कहा कि जांचकर्ताओं ने अपराध स्थल का दौरा भी नहीं किया और कथित हथियार बरामद करने का कोई प्रयास नहीं किया। यह देखते हुए कि अभियोजन पक्ष मामले को संदेह से परे आरोप साबित करने में विफल रहा, अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *