मप्र सरकार मंत्रालय, विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए 1 नवंबर से बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से इसे शुरू करने की तैयारी की है। पहले सात दिन सिस्टम ट्रायल मोड में चलेगा। इसके बाद मप्र के स्थापना दिवस यानी 1 नवंबर से इसे विधिवत लागू किया जाएगा। ई-अटेंडेंस के साथ सिस्टम में कर्मचारियों का वर्क भी री-असाइन किया जाएगा। जीएडी ने सभी विभागों को अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से पहले प्रोजेक्ट से जुड़े काम पूरे करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय और विंध्याचल-सतपुड़ा भवन के बाद यह व्यवस्था प्रदेश के संभाग और जिलों के सरकारी कार्यालयों में लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकारी कार्यालयों में ई-अटेंडेंस लागू करने की बात कही थी। इसके बाद जीएडी ने प्रस्ताव तैयार कर एनआईसी को भेजा। तत्कालीन मुख्य सचिव अनुराग जैन के कार्यकाल में प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू हुआ था। एजेंसी चयन के बाद जुलाई के अंतिम सप्ताह में वर्क ऑर्डर भी जारी हो गया था। उनके नीति आयोग जाने के बाद प्रोजेक्ट की गति धीमी पड़ी। जिलों में भी लागू करेंगे हाजिरी का यही सिस्टम
राजधानी भोपाल के प्रमुख प्रशासनिक परिसरों में शुरुआत करने के बाद, सरकार की योजना इसे पूरे प्रदेश में विस्तार देने की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बायोमेट्रिक अटेंडेंस की इस आधुनिक पद्धति को प्रदेश के सभी जिलों (कलेक्टोरेट और अन्य संभागीय/जिला कार्यालयों) में लागू करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

