दुबई में महिला टी20 एशिया कप के फाइनल के बाद भारतीय टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ को मैदान पर किए गए इशारे के कारण जुर्माना भरना पड़ा है। आईसीसी ने श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मुकाबले के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के लिए गौड़ की मैच फीस का 10 प्रतिशत काटने का फैसला किया है। इस मामले में उन्हें एक डिमेरिट अंक भी दिया गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, क्रांति गौड़ ने अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में बल्लेबाज के आउट होने के बाद ऐसा इशारा किया, जिसे बल्लेबाज को अपमानित करने वाला या उसके खिलाफ आक्रामक प्रतिक्रिया भड़काने वाला माना गया। इसी आधार पर उन पर आईसीसी की आचार संहिता की धारा 2.5 के तहत प्रथम स्तर का उल्लंघन पाया गया।
यह घटना श्रीलंका की पारी के पहले ही ओवर में हुई। इमेशा दुलानी ने क्रांति गौड़ की पहली गेंद पर लैप शॉट खेलकर चौका हासिल किया। दुलानी ने इसके बाद उसी तरह का शॉट दोबारा खेलने की कोशिश की, लेकिन तीन गेंद बाद वह आउट हो गईं। विकेट मिलने के बाद क्रांति गौड़ काफी उत्साहित नजर आईं और उन्होंने दुलानी को पवेलियन की ओर जाने का इशारा करते हुए विदाई दी।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विकेट मिलने के बाद खिलाड़ियों का उत्साह दिखाना सामान्य बात है, लेकिन नियमों के तहत विरोधी बल्लेबाज के प्रति अपमानजनक भाषा, इशारे या व्यवहार पर कार्रवाई की जा सकती है। इसी वजह से क्रांति गौड़ का इशारा आचार संहिता के दायरे में आ गया। मैच रेफरी सुप्रिया रानी दास ने कार्रवाई का प्रस्ताव रखा, जिसे भारतीय गेंदबाज ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने आरोप मान लिए, इसलिए मामले की औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
गौरतलब है कि क्रांति गौड़ को पिछले 24 महीनों में पहली बार इस तरह के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। इसलिए उनके खाते में सिर्फ एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया है। फिलहाल यह एक अंक उनके लिए बड़ी सजा नहीं है, लेकिन भविष्य में इसी तरह के उल्लंघन दोहराने पर कार्रवाई कड़ी हो सकती है। आईसीसी खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर लगातार सख्त रुख अपनाती रही है।
इसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान की टीम पर भी धीमी ओवर गति के कारण जुर्माना लगाया गया। श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 131 रन का लक्ष्य दिया था। श्रीलंका ने यह लक्ष्य 18.4 ओवर में हासिल कर लिया।
समय में मिली छूट को ध्यान में रखने के बाद पाकिस्तान की टीम निर्धारित ओवर गति से एक ओवर पीछे पाई गई। इसके चलते पाकिस्तान के खिलाड़ियों की मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना किया गया। टीम की कप्तान फातिमा सना ने इस कार्रवाई को स्वीकार कर लिया। यह आरोप चौथे अंपायर रबाब अहसन ने लगाया था।
बता दें कि धीमी ओवर गति के मामलों में आईसीसी खिलाड़ियों पर प्रत्येक कम ओवर के लिए उनकी मैच फीस का निर्धारित हिस्सा जुर्माने के रूप में लगाती है। वहीं, लगातार नियम तोड़ने पर टीमों और खिलाड़ियों को अंक कटौती जैसी अतिरिक्त सजा का भी सामना करना पड़ सकता है। महिला एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में ऐसे नियमों का पालन टीमों के लिए खास महत्व रखता है।
एक तरफ भारतीय टीम की खिलाड़ी को मैदान पर किए गए इशारे के लिए आर्थिक दंड मिला है, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान को समय पर ओवर पूरे नहीं करने की कीमत चुकानी पड़ी है। दोनों मामलों से साफ है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रदर्शन के साथ खिलाड़ियों का व्यवहार और खेल की तय गति बनाए रखना भी उतना ही अहम है। ये नियम खेल में अनुशासन और खिलाड़ियों के बीच सम्मान बनाए रखने के लिए जरूरी है।

