अररिया में पैक्स को डिजिटल और बेहतर बनाने पर जोर:राशन लेने वालों का 100% ई-केवाईसी, अनाज भेजने का काम समय पर पूरा करने के निर्देश

अररिया में पैक्स को डिजिटल और बेहतर बनाने पर जोर:राशन लेने वालों का 100% ई-केवाईसी, अनाज भेजने का काम समय पर पूरा करने के निर्देश

अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने सहकारिता और आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। सहकारिता विभाग की बैठक में बिहार राज्य सहकारिता नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने और जिले में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। ‘सशक्त सहकारिता-समृद्ध बिहार’ के तहत सहकारी संस्थाओं को आत्मनिर्भर, पारदर्शी और लोगों के लिए उपयोगी बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में सहकारी समितियों के पूरी तरह डिजिटलीकरण, राज्यस्तरीय कोऑपरेटिव डेटाबेस, तीन स्तर की साख व्यवस्था और पैक्स के आधुनिकीकरण पर चर्चा हुई। पैक्स को बहुउद्देश्यीय संस्थाओं के रूप में विकसित करने और उन्हें कॉमन सर्विस सेंटर, जन औषधि केंद्र और कृषि संयंत्र बैंक जैसी सुविधाओं से जोड़ने की पहल पर भी विचार किया गया। मखाना, कतरनी चावल और शहद के लिए साझा ब्रांड
मखाना, कतरनी चावल और शहद जैसे स्थानीय उत्पादों के लिए उत्पाद क्लस्टर और साझा ब्रांड विकसित करने पर जोर दिया गया। महिलाओं, युवाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति और दिव्यांगजनों की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ कौशल विकास, डिजिटल सहकारी रोजगार प्लेटफॉर्म, सहकारी स्टार्टअप फंड और सौर ऊर्जा, बायोगैस व इथेनॉल जैसी परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। ई-केवाईसी 100% पूरा करने का निर्देश
जिला स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक में जन वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े कामों की प्रगति जांची गई। डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को तय समय-सीमा में 100 प्रतिशत ई-केवाईसी पूरा करने का निर्देश दिया। पात्र लोगों के लिए नए राशन कार्ड ऑनलाइन बनाने के काम में प्रखंडवार लक्ष्य के अनुसार तेजी लाने को कहा गया। खाद्यान्न का 100% डिस्पैच करने को कहा
जिला प्रबंधक, एसएफसी को खाद्यान्न का 100 प्रतिशत डिस्पैच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। एसआईओ को खाद्यान्न उठाव और भेजने से जुड़े बाकी काम जल्द पूरा करने को कहा गया। समय पर लक्ष्य पूरा करने की जिम्मेदारी
डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारियों, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों, आपूर्ति निरीक्षकों और सहायक गोदाम प्रबंधकों को नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-केवाईसी, राशन कार्ड बनाना और खाद्यान्न डिस्पैच में 100 प्रतिशत उपलब्धि सबसे जरूरी है। अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने सहकारिता और आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। सहकारिता विभाग की बैठक में बिहार राज्य सहकारिता नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने और जिले में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। ‘सशक्त सहकारिता-समृद्ध बिहार’ के तहत सहकारी संस्थाओं को आत्मनिर्भर, पारदर्शी और लोगों के लिए उपयोगी बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में सहकारी समितियों के पूरी तरह डिजिटलीकरण, राज्यस्तरीय कोऑपरेटिव डेटाबेस, तीन स्तर की साख व्यवस्था और पैक्स के आधुनिकीकरण पर चर्चा हुई। पैक्स को बहुउद्देश्यीय संस्थाओं के रूप में विकसित करने और उन्हें कॉमन सर्विस सेंटर, जन औषधि केंद्र और कृषि संयंत्र बैंक जैसी सुविधाओं से जोड़ने की पहल पर भी विचार किया गया। मखाना, कतरनी चावल और शहद के लिए साझा ब्रांड
मखाना, कतरनी चावल और शहद जैसे स्थानीय उत्पादों के लिए उत्पाद क्लस्टर और साझा ब्रांड विकसित करने पर जोर दिया गया। महिलाओं, युवाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति और दिव्यांगजनों की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ कौशल विकास, डिजिटल सहकारी रोजगार प्लेटफॉर्म, सहकारी स्टार्टअप फंड और सौर ऊर्जा, बायोगैस व इथेनॉल जैसी परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। ई-केवाईसी 100% पूरा करने का निर्देश
जिला स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक में जन वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े कामों की प्रगति जांची गई। डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को तय समय-सीमा में 100 प्रतिशत ई-केवाईसी पूरा करने का निर्देश दिया। पात्र लोगों के लिए नए राशन कार्ड ऑनलाइन बनाने के काम में प्रखंडवार लक्ष्य के अनुसार तेजी लाने को कहा गया। खाद्यान्न का 100% डिस्पैच करने को कहा
जिला प्रबंधक, एसएफसी को खाद्यान्न का 100 प्रतिशत डिस्पैच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। एसआईओ को खाद्यान्न उठाव और भेजने से जुड़े बाकी काम जल्द पूरा करने को कहा गया। समय पर लक्ष्य पूरा करने की जिम्मेदारी
डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारियों, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों, आपूर्ति निरीक्षकों और सहायक गोदाम प्रबंधकों को नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-केवाईसी, राशन कार्ड बनाना और खाद्यान्न डिस्पैच में 100 प्रतिशत उपलब्धि सबसे जरूरी है।  

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