तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता एवं कूचबिहार से लोकसभा सदस्य जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने सोमवार को दावा किया कि एनसीपीआई के 20 में से 17 सांसद अक्टूबर में दुर्गा पूजा से पहले या उसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने वाले हैं। बसुनिया ने संवाददाताओं से कहा कि इन 17 सांसदों ने एक साथ भाजपा में शामिल होने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है और दावा किया कि सामूहिक रूप से दल बदलने पर वे दलबदल रोधी कानून के दायरे में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम 17 सांसद एकसाथ भाजपा में जा रहे हैं।
चूंकि 20 सदस्यों में से दो-तिहाई से अधिक सांसद दल बदल रहे हैं, इसलिए दलबदल रोधी कानून हम पर लागू नहीं होगा।’’
चौदह जून को तृणमूल के 20 असंतुष्ट सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय की घोषणा की थी और सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को समर्थन दिया था। इन 20 बागी सांसदों में से कम से कम 14 सांसदों का दो-तिहाई का आंकड़ा पूरा करने के लिए साथ जाना जरूरी है, ताकि उन्हें अयोग्यता का सामना ना करना पड़े। बसुनिया ने कहा कि हालांकि, इन 20 सांसदों में से अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले तीन सांसद औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उनके निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक और प्रशासनिक परिस्थितियां इसके अनुकूल नहीं हैं।
उन्होंने दावा किया कि सांसद अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान बाहर से राजग को समर्थन देंगे। बसुनिया ने कहा, ‘‘वे राजग का समर्थन करेंगे और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां या विभाग दिए जा सकते हैं।’’
बसुनिया का यह बयान उनके और उनकी पत्नी एवं तृणमूल विधायक संगीता रॉय के कूचबिहार के सिताई स्थित पैतृक घर लौटने पर विरोध प्रदर्शन का सामना किये जाने के कुछ दिन बाद आया है। बसुनिया के राजनीतिक रुख में बदलाव की आलोचना के बीच स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने दंपति के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
इस दौरान उनके आवास के पास स्थित तृणमूल के एक कार्यालय में भी कथित तौर पर आग लगा दी गई थी। बसुनिया लगातार यह कहते रहे हैं कि अब उनका तृणमूल से कोई संबंध नहीं है और वह राजग के साथ हैं।

