CJP Founder Abhijeet Dipke पर लगा ‘लेटरहेड के दुरुपयोग’ का आरोप, MP Government पर तंज के बाद FIR की मांग

CJP Founder Abhijeet Dipke पर लगा ‘लेटरहेड के दुरुपयोग’ का आरोप, MP Government पर तंज के बाद FIR की मांग
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के व्यंग्यात्मक इस्तीफ़े वाले पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस पत्र में उन्होंने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने का नाटक किया था। जहाँ कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने MP सरकार की आलोचना में उनका साथ दिया, वहीं BJP कार्यकर्ताओं समेत कई अन्य लोगों ने दिपके पर “लेटरहेड के दुरुपयोग” का आरोप लगाया।
बालाघाट में कुछ इन्फ्लुएंसर्स द्वारा कथित तौर पर परेशान किए जाने के बाद डिपके ने MP सरकार पर तंज कसा। वह वहां उन आदिवासी बच्चों के माता-पिता से मिलने गए थे जिनकी संक्रमण के कारण मौत हो गई थी।

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दिपके के व्यंग्यात्मक इस्तीफ़े के पत्र की बातें

डिपके ने एक्स पर एक फ़र्ज़ी पत्र शेयर करते हुए लिखा, मैं इसके ज़रिए एमपी के मुख्यमंत्री पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफ़ा देता हूँ। मैं माननीय मोदी जी का शुक्रिया अदा करता हूँ कि उन्होंने मुझे MP की जनता की सेवा करने का मौका दिया, एक ऐसा मौका जिसमें मैं साफ़ तौर पर नाकाम रहा हूँ।” यह फ़र्ज़ी पत्र बिल्कुल असली पत्र जैसा लग रहा था। इस व्यंग्यात्मक पत्र में, डिपके ने राज्य सरकार की उन बातों का ज़िक्र किया जिन्हें उन्होंने सरकार की “नाकामियां” बताया। उन्होंने सागर में ज़हरीली शराब से हुई त्रासदी और बालाघाट में संक्रमण से हुई मौतों जैसे मुद्दों पर मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके सहयोगियों पर निशाना साधा।

दिपके के ‘इस्तीफ़े वाले पत्र’ पर लोगों की प्रतिक्रिया

डिपके के व्यंग्यात्मक पत्र से सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया। कुछ यूज़र्स ने उनकी आलोचना का समर्थन किया और बीजेपी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर निशाना साधा। एक यूज़र ने लिखा 1 जवाब और पूरी बीजेपी लॉबी क्लीन बोल्ड हो गई। हालांकि, कई यूज़र्स ने डिपके पर “आधिकारिक लेटरहेड के गलत इस्तेमाल” का आरोप लगाया और उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज करने की मांग की। बीजेपी कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर ने भी लेटरहेड के कथित “गलत इस्तेमाल” को लेकर डिपके के ख़िलाफ़ केस दर्ज करने की मांग की।

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