Delhi के Satya Niketan Building Collapse में आरोपी सुधांशु और शुभम 12 दिन की न्यायिक हिरासत में

Delhi के Satya Niketan Building Collapse में आरोपी सुधांशु और शुभम 12 दिन की न्यायिक हिरासत में

दिल्ली के सत्या निकेतन इमारत हादसे के मामले में अदालत ने रविवार को आरोपी सुधांशु और शुभम को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी। दोनों आरोपियों को दिन में चिकित्सकीय जांच के बाद पटियाला हाउस अदालत में पेश किया गया। दोनों आरोपी पिछले दो दिनों से पुलिस की हिरासत में थे। अदालत में पेश किए जाने से पहले उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।

6 सितंबर को भरभराकर गिरी थी इमारत

दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास सत्या निकेतन में यह इमारत 6 सितंबर को गिर गई थी। उस समय इमारत में मरम्मत और उसे बढ़ाने का काम चल रहा था। हादसे में सात लोगों की जान चली गई, जिसके बाद इमारत में चल रहे काम और कथित तौर पर बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण को लेकर सवाल उठे।

इसे भी पढ़ें: Asiatic Society of Mumbai में Amit Shah का बड़ा बयान, ज्ञान को Ideology की सीमाओं से मुक्त करने का आह्वान

एमसीडी ने तीन इंजीनियरों को किया निलंबित

इस बीच, दिल्ली नगर निगम ने गुरुवार को अपने भवन विभाग के एक सहायक अभियंता और दो कनिष्ठ अभियंताओं को निलंबित कर दिया। इन अधिकारियों पर कथित तौर पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने और बिना अनुमति हो रहे निर्माण के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप है।

निलंबित अधिकारियों में दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र, जिसे पहले नजफगढ़ क्षेत्र कहा जाता था, में तैनात सहायक अभियंता रविंदर कुमार और कनिष्ठ अभियंता सुमन सौरभ और मोहित यादव शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें: Mayawati ने स्वास्थ्य को लेकर दी सफाई, आकाश आनंद पर फिर साधा निशाना

पहले भी अधिकारियों पर हुई थी कार्रवाई

इमारत गिरने के कुछ दिन बाद दिल्ली नगर निगम ने दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त राकेश कुमार और चार इंजीनियरों को भी निलंबित किया था। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।

नगर निगम के मुताबिक, इलाके में बिना अनुमति हो रहे निर्माण से जुड़े मामलों को संभालने में इन अधिकारियों की ओर से लापरवाही हुई है। सत्या निकेतन इमारत हादसे के बाद नगर निगम के अधिकारियों की भूमिका और हादसे से पहले बिना अनुमति हो रहे निर्माण के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी जांच के दायरे में आ गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *