नवादा जिले के हिसुआ में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासन ने बीएनएस की धारा 163 लगा दी है। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हिसुआ की सड़कों पर अर्धसैनिक बल, सीआरपीएफ, बीएनपी और बिहार पुलिस की चार कंपनी तैनात हैं। डीएम रवि प्रकाश और एसपी अभिनव धीमान खुद सड़क पर उतरकर सुरक्षा का जायजा ले रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार इलाके में गश्त कर रही है। हिसुआ बाजार में बड़े वाहनों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। गया की तरफ से आने वाले बड़े वाहनों को हिसुआ में घुसने नहीं दिया जा रहा है। इन वाहनों को नारदीगंज होते हुए नवादा भेजा जा रहा है। गोली लगने से हुई थी पीयूष की मौत इसी तरह, नवादा से गया जाने वाले बड़े वाहनों को भी नारदीगंज के रास्ते भेजा जा रहा है। फतेहपुर होते हुए गया और राजगीर की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए भी प्रशासन ने अलग रूट बनाया है। दरअसल, यह तनाव 1 सितंबर को हिसुआ के चंद्रवंशी नगर में हुई गोलीबारी की घटना के बाद से शुरू हुआ। इस घटना में पीयूष कुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी। वहीं, अखिलेश कुमार और चंदन कुमार घायल हुए थे। इस मामले में 2 सितंबर को हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। घायल अखिलेश कुमार और चंदन कुमार ने भी अलग से मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के बाद धीरे-धीरे यह मामला राजनीतिक बयानबाजी में बदल गया। सभा, जुलूस या भीड़ पर कार्रवाई की चेतावनी प्रशासन के मुताबिक, कई नेताओं की बयानबाजी और समाज व जाति को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण इलाके का माहौल तनावपूर्ण होने लगा था। इसे देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई और धारा 163 लगा दी। आज हिसुआ में ‘सवर्ण महासंग्राम’ के ऐलान को देखते हुए प्रशासन खास तौर पर सतर्क है। किसी भी तरह की सभा, जुलूस या भीड़ इकट्ठा करने की कोशिश पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों सुमन कुमार, सुमित कुमार और राजा सिंह ने प्रशासन की इस व्यवस्था को सही बताया है। उनका कहना है कि किसी की मौत या घायल होने की घटना पर राजनीतिक बयानबाजी करके माहौल खराब करना ठीक नहीं है। नवादा जिले के हिसुआ में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासन ने बीएनएस की धारा 163 लगा दी है। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हिसुआ की सड़कों पर अर्धसैनिक बल, सीआरपीएफ, बीएनपी और बिहार पुलिस की चार कंपनी तैनात हैं। डीएम रवि प्रकाश और एसपी अभिनव धीमान खुद सड़क पर उतरकर सुरक्षा का जायजा ले रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार इलाके में गश्त कर रही है। हिसुआ बाजार में बड़े वाहनों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। गया की तरफ से आने वाले बड़े वाहनों को हिसुआ में घुसने नहीं दिया जा रहा है। इन वाहनों को नारदीगंज होते हुए नवादा भेजा जा रहा है। गोली लगने से हुई थी पीयूष की मौत इसी तरह, नवादा से गया जाने वाले बड़े वाहनों को भी नारदीगंज के रास्ते भेजा जा रहा है। फतेहपुर होते हुए गया और राजगीर की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए भी प्रशासन ने अलग रूट बनाया है। दरअसल, यह तनाव 1 सितंबर को हिसुआ के चंद्रवंशी नगर में हुई गोलीबारी की घटना के बाद से शुरू हुआ। इस घटना में पीयूष कुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी। वहीं, अखिलेश कुमार और चंदन कुमार घायल हुए थे। इस मामले में 2 सितंबर को हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। घायल अखिलेश कुमार और चंदन कुमार ने भी अलग से मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के बाद धीरे-धीरे यह मामला राजनीतिक बयानबाजी में बदल गया। सभा, जुलूस या भीड़ पर कार्रवाई की चेतावनी प्रशासन के मुताबिक, कई नेताओं की बयानबाजी और समाज व जाति को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण इलाके का माहौल तनावपूर्ण होने लगा था। इसे देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई और धारा 163 लगा दी। आज हिसुआ में ‘सवर्ण महासंग्राम’ के ऐलान को देखते हुए प्रशासन खास तौर पर सतर्क है। किसी भी तरह की सभा, जुलूस या भीड़ इकट्ठा करने की कोशिश पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों सुमन कुमार, सुमित कुमार और राजा सिंह ने प्रशासन की इस व्यवस्था को सही बताया है। उनका कहना है कि किसी की मौत या घायल होने की घटना पर राजनीतिक बयानबाजी करके माहौल खराब करना ठीक नहीं है।

