पटना में गणेश चतुर्थी की तैयारियां अंतिम चरण में है। इस बार मदुरई के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया जा रहा है। यहां मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग के राजा की प्रतिमा बैठाई जाएगी, जो साढ़े 5 फीट ऊंची है। यह प्रतिमा खास तौर पर मुंबई से मंगाया गया है, जो प्रतिमा शनिवार को पटना पहुंची है। वहीं, भगवान गणेश को 55 लाख रुपए के हीरा, पन्ना और माणिक जड़ित सोने का मुकुट पहनाया जाएगा। पटना के महाराष्ट्र मंडल की ओर से इस भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। एक महीने से पंडाल बनाने में जुटे हैं 12 कारीगर महाराष्ट्र मंडल के सचिव संजय भोंसले ने बताया, ‘पंडाल निर्माण का काम पिछले 1 महीने से चल रहा है। मुंबई से आए 12 कारीगर मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार कर रहे हैं। पंडाल के अंदर की सजावट भी मंदिर के स्वरूप के अनुरूप की जाएगी। वहीं, गणेश प्रतिमा को साढ़ू मिट्टी से बनाया गया है।’ उन्होंने आगे बताया कि 14 सितंबर को सुबह 9:30 बजे गणपति की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इसके बाद सुबह 11 बजे विघ्नहर्ता की आरती की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी रहेगी। भगवान गणेश को 501 मोदक का लगेगा भोग संजय भोंसले ने आगे बताया, ‘गणपति स्थापना के लिए महाराष्ट्र के सांगली से प्रशांत जागीरदार के नेतृत्व में 5 पंडित पटना पहुंचेंगे। जो विधि-विधान से 14 सितंबर को गणपति की प्राण प्रतिष्ठा कराएंगे। पहले दिन भगवान को 501 मोदक का भोग लगाया जाएगा। आयोजन में राज्यपाल सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई गणमान्य लोगों को भी आमंत्रित किया गया है। 14 तारीख की शाम को मुख्यमंत्री यहां पहुंचेंगे। वहीं 16 सितंबर को राज्यपाल आएंगे। बच्चों सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे गणेशोत्सव के दौरान महाराष्ट्र मंडल में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 16 सितंबर को दिन में बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। इनमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मंडल की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा। 18 सितंबर की शाम हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम होगा। इसमें महिलाएं गणेशजी को हल्दी-कुमकुम अर्पित करेंगी और एक-दूसरे की मांग सजाकर पारंपरिक उत्सव मनाएंगी। कोलकाता की लाइटिंग और नासिक का झांझ पथक रहेगा आकर्षण गणेशोत्सव में कोलकाता के चंदन नगर की लाइटिंग भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। वहीं, बंगाल के फूलों से सजावट की जाएगी। 20 सितंबर को सुबह 11 बजे से महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद गणपति विसर्जन जुलूस निकलेगा। जुलूस में नासिक से आने वाली 60 सदस्यीय झांझ पथक टीम शामिल होगी। इसमें 20 लड़कियां और 40 लड़के होंगे, जो पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ करतब प्रस्तुत करेंगे। इससे विसर्जन जुलूस में उत्साह और आकर्षण बढ़ेगा। जक्कनपुर में आधे किलोमीटर तक लगाई जाएगी रोलिंग लाइट जक्कनपुर में भी गणेश उत्सव को लेकर तैयारी की गई है। वहां 5 फीट की गणेश प्रतिमा स्थापित की जाएगी। गोपाल जायसवाल ने कहा कि हर साल हम लोग प्रतिमा को एक फिट बढ़ाते हैं। पिछले साल ये 4 फीट की थी। पटना में ही मूर्ति का निर्माण करवाया जा रहा है। इस बार खास आकर्षण का केंद्र लाइटिंग रहेगी। पूरे गली में लाइटिंग की जाएगी। करीब आधे किलोमीटर तक रोलिंग लाइट लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ पटना के सभी विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है। पटना में गणेश चतुर्थी की तैयारियां अंतिम चरण में है। इस बार मदुरई के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया जा रहा है। यहां मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग के राजा की प्रतिमा बैठाई जाएगी, जो साढ़े 5 फीट ऊंची है। यह प्रतिमा खास तौर पर मुंबई से मंगाया गया है, जो प्रतिमा शनिवार को पटना पहुंची है। वहीं, भगवान गणेश को 55 लाख रुपए के हीरा, पन्ना और माणिक जड़ित सोने का मुकुट पहनाया जाएगा। पटना के महाराष्ट्र मंडल की ओर से इस भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। एक महीने से पंडाल बनाने में जुटे हैं 12 कारीगर महाराष्ट्र मंडल के सचिव संजय भोंसले ने बताया, ‘पंडाल निर्माण का काम पिछले 1 महीने से चल रहा है। मुंबई से आए 12 कारीगर मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार कर रहे हैं। पंडाल के अंदर की सजावट भी मंदिर के स्वरूप के अनुरूप की जाएगी। वहीं, गणेश प्रतिमा को साढ़ू मिट्टी से बनाया गया है।’ उन्होंने आगे बताया कि 14 सितंबर को सुबह 9:30 बजे गणपति की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इसके बाद सुबह 11 बजे विघ्नहर्ता की आरती की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी रहेगी। भगवान गणेश को 501 मोदक का लगेगा भोग संजय भोंसले ने आगे बताया, ‘गणपति स्थापना के लिए महाराष्ट्र के सांगली से प्रशांत जागीरदार के नेतृत्व में 5 पंडित पटना पहुंचेंगे। जो विधि-विधान से 14 सितंबर को गणपति की प्राण प्रतिष्ठा कराएंगे। पहले दिन भगवान को 501 मोदक का भोग लगाया जाएगा। आयोजन में राज्यपाल सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई गणमान्य लोगों को भी आमंत्रित किया गया है। 14 तारीख की शाम को मुख्यमंत्री यहां पहुंचेंगे। वहीं 16 सितंबर को राज्यपाल आएंगे। बच्चों सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे गणेशोत्सव के दौरान महाराष्ट्र मंडल में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 16 सितंबर को दिन में बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। इनमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मंडल की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा। 18 सितंबर की शाम हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम होगा। इसमें महिलाएं गणेशजी को हल्दी-कुमकुम अर्पित करेंगी और एक-दूसरे की मांग सजाकर पारंपरिक उत्सव मनाएंगी। कोलकाता की लाइटिंग और नासिक का झांझ पथक रहेगा आकर्षण गणेशोत्सव में कोलकाता के चंदन नगर की लाइटिंग भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। वहीं, बंगाल के फूलों से सजावट की जाएगी। 20 सितंबर को सुबह 11 बजे से महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद गणपति विसर्जन जुलूस निकलेगा। जुलूस में नासिक से आने वाली 60 सदस्यीय झांझ पथक टीम शामिल होगी। इसमें 20 लड़कियां और 40 लड़के होंगे, जो पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ करतब प्रस्तुत करेंगे। इससे विसर्जन जुलूस में उत्साह और आकर्षण बढ़ेगा। जक्कनपुर में आधे किलोमीटर तक लगाई जाएगी रोलिंग लाइट जक्कनपुर में भी गणेश उत्सव को लेकर तैयारी की गई है। वहां 5 फीट की गणेश प्रतिमा स्थापित की जाएगी। गोपाल जायसवाल ने कहा कि हर साल हम लोग प्रतिमा को एक फिट बढ़ाते हैं। पिछले साल ये 4 फीट की थी। पटना में ही मूर्ति का निर्माण करवाया जा रहा है। इस बार खास आकर्षण का केंद्र लाइटिंग रहेगी। पूरे गली में लाइटिंग की जाएगी। करीब आधे किलोमीटर तक रोलिंग लाइट लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ पटना के सभी विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है।

