Shiv Sena Eknath Shinde: महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल तेज होने के बीच धाराशिव जिले के परंडा तालुका में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के पूर्व तालुकाध्यक्ष एडवोकेट हनुमंत वाघमोडे ने अपने सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में सार्वजनिक रूप से प्रवेश किया। वाघमोडे के इस कदम से परंडा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और इसे कांग्रेस के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
वाघमोडे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और परंडा-भूम-वाशी विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रो. डॉ. तानाजीराव सावंत के नेतृत्व तथा विकास की भूमिका पर विश्वास जताते हुए शिवसेना में प्रवेश किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उनके साथ शिवसेना में शामिल हुए।
कांग्रेस की तालुका इकाई को झटका
कांग्रेस के तालुका स्तर के एक प्रमुख नेता के शिवसेना में जाने से परंडा में राजनीतिक समीकरण बदलने की चर्चा शुरू हो गई है। समर्थकों का दावा है कि एकनाथ शिंदे के सर्वसमावेशी नेतृत्व से प्रभावित होकर परंडा तालुका में कांग्रेस की स्थानीय संगठनात्मक ताकत का एक हिस्सा शिवसेना के साथ आया है।
इस दल-बदल से परंडा तालुका में शिवसेना का संगठन जमीनी स्तर पर और मजबूत होने की उम्मीद कार्यकर्ताओं ने जताई है। हाल ही में एकनाथ शिंदे के लंदन दौरे को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज रही है।
कई प्रमुख पदाधिकारी भी शिवसेना में शामिल
वाघमोडे के साथ कांग्रेस के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी शिवसेना में प्रवेश किया। इनमें परंडा तालुका कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष उत्तरेश्वर ठवरे, हनुमंत करळे, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण खरातोडे, तालुका महासचिव नारायण साबळे, पांडुरंग चोबे, तालुका सचिव संदीप ठवरे, यूनुस शेख, दादासाहेब आलदर, दत्तात्रय खांडकेर समेत कई नेता शामिल हैं।
इसके अलावा विधि सेल के तालुकाध्यक्ष अवधूत पाटील, अल्पसंख्यक सेल के तालुकाध्यक्ष अनवर शेख, ओबीसी सेल के तालुकाध्यक्ष महावीर इतापे, सेवादल तालुकाध्यक्ष बालाजी गवारे और भैरवनाथ यादव ने भी शिवसेना का दामन थामा।
इन गांवों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भी थामा ‘भगवा’
शिवसेना में शामिल होने वालों में ढगपिंपरी, डोमगांव, पिंपलवाड़ी, वाकडी, वडनेर, मुगांव, डोंजा, वागेगव्हाण, शिराळा और हिंगणगांव समेत कई गांवों के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल बताए गए हैं।
पक्ष प्रवेश कार्यक्रम के दौरान शिवसेना नेताओं ने नए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भगवा उपरणा पहनाकर शिवसेना परिवार में स्वागत किया। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद परंडा तालुका में कांग्रेस और शिवसेना के बीच स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

