बांका के खंडहर में ब्राउन शुगर लेते युवकों का VIDEO:डॉग स्क्वायड के साथ पुलिस ने गांवों में की छापेमारी, बढ़ते सूखे नशे पर सवाल

बांका के खंडहर में ब्राउन शुगर लेते युवकों का VIDEO:डॉग स्क्वायड के साथ पुलिस ने गांवों में की छापेमारी, बढ़ते सूखे नशे पर सवाल

बांका के रजौन थाना क्षेत्र के सिंहनान पंचायत के कोड़ली मोहनपुर गांव में शनिवार शाम ब्राउन शुगर का सेवन करते कुछ युवकों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई। वायरल वीडियो में कुछ युवक एक खंडहरनुमा भवन में कथित तौर पर ब्राउन शुगर का सेवन करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद रजौन पुलिस ने कोड़ली मोहनपुर, लीलातरी सहित आसपास के गांवों में छापेमारी की। तलाशी अभियान में डॉग स्क्वायड की टीम की भी मदद ली गई। पुलिस ने संदिग्ध स्थानों और आसपास के इलाकों में काफी देर तक तलाशी ली, लेकिन छापेमारी के दौरान नशीला पदार्थ, सूखा नशा या कोई अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। पुलिस के हाथ फिलहाल कोई नशीला पदार्थ नहीं लगा है। खंडहरनुमा भवन में बनाया गया था वीडियो जानकारी के अनुसार, कोड़ली मोहनपुर गांव स्थित एक पुराने खंडहरनुमा भवन में आधे दर्जन से अधिक युवकों के कथित तौर पर ब्राउन शुगर का सेवन करने का वीडियो बनाया गया। वीडियो में युवक एक जगह बैठकर नशीला पदार्थ लेते नजर आ रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसकी जानकारी पुलिस तक पहुंची। मामले को गंभीरता से लेते हुए रजौन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने सबसे पहले वीडियो में दिखाई दे रहे स्थान की पहचान करने की कोशिश की। इसके बाद शनिवार को कोड़ली मोहनपुर, लीलातरी और आसपास के गांवों में संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की गई। डॉग स्क्वायड के साथ खंगाले संदिग्ध ठिकाने रजौन थानाध्यक्ष अभय शंकर, एसआई विनोद कुमार सहित पुलिस बल ने कई स्थानों पर तलाशी ली। अभियान के दौरान डॉग स्क्वायड की टीम को भी लगाया गया। पुलिस ने खंडहरनुमा भवन के साथ आसपास के इलाकों को भी खंगाला। हालांकि तलाशी के दौरान पुलिस को न तो ब्राउन शुगर मिला और न ही कोई अन्य नशीला पदार्थ बरामद हुआ। वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों में से भी किसी की गिरफ्तारी तत्काल नहीं हो सकी। पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर उसमें दिखाई दे रहे युवकों की पहचान करने में जुटी है। पहचान होने के बाद उनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था और इसके पीछे किसी सप्लायर या तस्कर की भूमिका है या नहीं। वीडियो ने बढ़ाई परिवार की चिंता वायरल वीडियो सामने आने के बाद रजौन क्षेत्र में सूखे नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर स्थानीय लोगों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ब्राउन शुगर और स्मैक जैसे नशीले पदार्थों का इस्तेमाल युवाओं के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में युवाओं के साथ किशोर और कम उम्र के बच्चों के भी सूखे नशे की चपेट में आने की आशंका है। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई व्यापक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, लेकिन लगातार मिल रही शिकायतों और अब सामने आए वीडियो ने नशे के प्रसार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। नशे की लत से परिवारों में बढ़ रहा तनाव अभिभावकों का कहना है कि कुछ युवा शुरुआत में दोस्तों के दबाव या शौक के कारण नशा करते हैं। धीरे-धीरे यह आदत लत में बदल जाती है। इसके बाद नशे की जरूरत पूरी करने के लिए परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ने लगता है। ग्रामीणों का कहना है कि नशे की वजह से कई परिवारों में तनाव और विवाद की स्थिति बनने की शिकायतें सामने आती रही हैं। लोगों को यह भी चिंता है कि नशे के आदी युवाओं को यदि समय रहते रोकने और उन्हें इससे बाहर निकालने की पहल नहीं हुई तो इसका असर उनके भविष्य पर पड़ सकता है। सिर्फ छापेमारी नहीं, सप्लायर तक पहुंचने की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि सूखे नशे के खिलाफ सिर्फ कभी-कभार छापेमारी करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। पुलिस को उन लोगों तक पहुंचना होगा, जो युवाओं तक ब्राउन शुगर और स्मैक जैसे नशीले पदार्थ पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सप्लाई चेन को तोड़ना जरूरी है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते बड़े स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई तो सूखे नशे का बढ़ता प्रभाव आने वाले दिनों में युवाओं के साथ-साथ पूरे समाज के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। एसडीपीओ बोले- वीडियो के आधार पर युवकों को चिन्हित कर रहे एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि नशीले पदार्थ का सेवन करते हुए वायरल हुए वीडियो के आधार पर युवकों को चिन्हित किया जा रहा है। उनके अनुसार, डॉग स्क्वायड और छापेमारी टीम के माध्यम से मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सूखे नशे के खिलाफ पुलिस की ओर से बड़े स्तर पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि वीडियो में दिखाई दे रहे युवक कौन हैं, नशीला पदार्थ उन्हें कहां से मिला और क्षेत्र में इसकी आपूर्ति कौन कर रहा है। छापेमारी में नशीला पदार्थ नहीं मिलने के बावजूद पुलिस ने वीडियो को जांच का अहम आधार बनाया है। बांका के रजौन थाना क्षेत्र के सिंहनान पंचायत के कोड़ली मोहनपुर गांव में शनिवार शाम ब्राउन शुगर का सेवन करते कुछ युवकों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई। वायरल वीडियो में कुछ युवक एक खंडहरनुमा भवन में कथित तौर पर ब्राउन शुगर का सेवन करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद रजौन पुलिस ने कोड़ली मोहनपुर, लीलातरी सहित आसपास के गांवों में छापेमारी की। तलाशी अभियान में डॉग स्क्वायड की टीम की भी मदद ली गई। पुलिस ने संदिग्ध स्थानों और आसपास के इलाकों में काफी देर तक तलाशी ली, लेकिन छापेमारी के दौरान नशीला पदार्थ, सूखा नशा या कोई अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। पुलिस के हाथ फिलहाल कोई नशीला पदार्थ नहीं लगा है। खंडहरनुमा भवन में बनाया गया था वीडियो जानकारी के अनुसार, कोड़ली मोहनपुर गांव स्थित एक पुराने खंडहरनुमा भवन में आधे दर्जन से अधिक युवकों के कथित तौर पर ब्राउन शुगर का सेवन करने का वीडियो बनाया गया। वीडियो में युवक एक जगह बैठकर नशीला पदार्थ लेते नजर आ रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसकी जानकारी पुलिस तक पहुंची। मामले को गंभीरता से लेते हुए रजौन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने सबसे पहले वीडियो में दिखाई दे रहे स्थान की पहचान करने की कोशिश की। इसके बाद शनिवार को कोड़ली मोहनपुर, लीलातरी और आसपास के गांवों में संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की गई। डॉग स्क्वायड के साथ खंगाले संदिग्ध ठिकाने रजौन थानाध्यक्ष अभय शंकर, एसआई विनोद कुमार सहित पुलिस बल ने कई स्थानों पर तलाशी ली। अभियान के दौरान डॉग स्क्वायड की टीम को भी लगाया गया। पुलिस ने खंडहरनुमा भवन के साथ आसपास के इलाकों को भी खंगाला। हालांकि तलाशी के दौरान पुलिस को न तो ब्राउन शुगर मिला और न ही कोई अन्य नशीला पदार्थ बरामद हुआ। वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों में से भी किसी की गिरफ्तारी तत्काल नहीं हो सकी। पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर उसमें दिखाई दे रहे युवकों की पहचान करने में जुटी है। पहचान होने के बाद उनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था और इसके पीछे किसी सप्लायर या तस्कर की भूमिका है या नहीं। वीडियो ने बढ़ाई परिवार की चिंता वायरल वीडियो सामने आने के बाद रजौन क्षेत्र में सूखे नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर स्थानीय लोगों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ब्राउन शुगर और स्मैक जैसे नशीले पदार्थों का इस्तेमाल युवाओं के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में युवाओं के साथ किशोर और कम उम्र के बच्चों के भी सूखे नशे की चपेट में आने की आशंका है। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई व्यापक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, लेकिन लगातार मिल रही शिकायतों और अब सामने आए वीडियो ने नशे के प्रसार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। नशे की लत से परिवारों में बढ़ रहा तनाव अभिभावकों का कहना है कि कुछ युवा शुरुआत में दोस्तों के दबाव या शौक के कारण नशा करते हैं। धीरे-धीरे यह आदत लत में बदल जाती है। इसके बाद नशे की जरूरत पूरी करने के लिए परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ने लगता है। ग्रामीणों का कहना है कि नशे की वजह से कई परिवारों में तनाव और विवाद की स्थिति बनने की शिकायतें सामने आती रही हैं। लोगों को यह भी चिंता है कि नशे के आदी युवाओं को यदि समय रहते रोकने और उन्हें इससे बाहर निकालने की पहल नहीं हुई तो इसका असर उनके भविष्य पर पड़ सकता है। सिर्फ छापेमारी नहीं, सप्लायर तक पहुंचने की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि सूखे नशे के खिलाफ सिर्फ कभी-कभार छापेमारी करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। पुलिस को उन लोगों तक पहुंचना होगा, जो युवाओं तक ब्राउन शुगर और स्मैक जैसे नशीले पदार्थ पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सप्लाई चेन को तोड़ना जरूरी है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते बड़े स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई तो सूखे नशे का बढ़ता प्रभाव आने वाले दिनों में युवाओं के साथ-साथ पूरे समाज के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। एसडीपीओ बोले- वीडियो के आधार पर युवकों को चिन्हित कर रहे एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि नशीले पदार्थ का सेवन करते हुए वायरल हुए वीडियो के आधार पर युवकों को चिन्हित किया जा रहा है। उनके अनुसार, डॉग स्क्वायड और छापेमारी टीम के माध्यम से मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सूखे नशे के खिलाफ पुलिस की ओर से बड़े स्तर पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि वीडियो में दिखाई दे रहे युवक कौन हैं, नशीला पदार्थ उन्हें कहां से मिला और क्षेत्र में इसकी आपूर्ति कौन कर रहा है। छापेमारी में नशीला पदार्थ नहीं मिलने के बावजूद पुलिस ने वीडियो को जांच का अहम आधार बनाया है।  

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