इंदौर के तिलक नगर के होटल एलेक्स में ब्यूटीशियन सोनिला शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच में पुलिस अब घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस ने शुक्रवार देर रात महिला के दोस्त दीपक खंडेलवाल को बायपास इलाके से हिरासत में लिया। इसके बाद उससे लगातार अलग-अलग दौर में पूछताछ की गई। करीब 18 घंटे से ज्यादा चली पूछताछ में होटल के कमरे में हुए विवाद से लेकर सोनिला की मौत और उसके बाद दीपक के वहां से जाने तक के घटनाक्रम को क्रॉसचेक किया गया। जांच में सामने आए बिंदुओं में पता चला कि सोनिला और दीपक काफी समय से संपर्क में थे। दोनों के बीच कई बार विवाद की बात भी सामने आई। दीपक के बयानों को पुलिस होटल स्टाफ, पोस्टमॉर्टम और साइबर जांच से मिले इनपुट के साथ मिलाकर देख रही है। वहीं महिला की मौत का क्या कारण रहा, इसके लिए पुलिस ने फॉरेंसिक डॉक्टरों की पैनल से ओपिनियन ले रहे है। होटल पहुंचने के बाद ही हुआ घटना
पुलिस पूछताछ में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार 9 सितंबर को सोनिला और दीपक तिलक नगर स्थित होटल एलेक्स पहुंचे थे। कमरे में जाने के बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि कमरे में क्या हुआ। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फंदे से महिला की मौत की बात सामने आ रही है। अब ये फंदा आत्महत्या का था या हत्या का, पुलिस इसकी जांच में जुटी है। फंदे के लिए सामान्य रस्सी के बजाय बेड पर बिछाने वाले रनर (कपड़ा) का इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोनिला के मुंह से झाग निकल रहा था। इसके बाद दीपक घबरा गया और होटल स्टाफ की मदद से सोनिला को अस्पताल ले गया था। अस्पताल के बाद से हो गया था गायब, परिवार से की थी पूछताछ
प्राइवेट अस्पताल से ही दीपक ने सोनिला के परिवार को घटना के बारे में बताया। परिवार के लोगों की दीपक से कहासुनी हुई, तो दीपक अस्पताल से चला गया। पुलिस पूछताछ में भी सामने आया है कि उसने परिवार के सदस्यों को होटल में हुए घटनाक्रम की जानकारी दी। इधर, जब पुलिस दीपक के परिवार से पूछताछ करने पहुंची, जिसके बाद दीपक ने पुलिस से संपर्क किया और अंतत: पुलिस की पकड़ में आ गया। 18 घंटे से ज्यादा पूछताछ, बयानों का क्रॉसचेक
दीपक को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उससे एक ही बार में पूछताछ करने के बजाय अलग-अलग दौर में सवाल किए। होटल पहुंचने, कमरे में विवाद, अस्पताल ले जाने और उसके बाद जाने तक की पूरी टाइमलाइन तैयार की जा रही है। पूछताछ में जहां भी बयानों में अंतर सामने आया, वहां दोबारा सवाल किए गए। पुलिस यह भी जांच रही है कि घटना के दौरान कमरे में वास्तव में क्या हुआ था और सोनिला की मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं। पोस्टमॉर्टम और साइबर जांच से मिले अहम सुराग
सोनिला की मौत के बाद गुरुवार को ही पोस्टमॉर्टम कराया गया था, लेकिन मौत की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं होने के कारण पुलिस विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही थी। मामले में फोरेंसिक डिपार्टमेंट द्वारा ऑनलाइन प्रोसेस के तहत शुक्रवार शाम को पीएम रिपोर्ट शासन के पोर्टल पर अपलोड कर दी है, जो पुलिस को मिल गई है। दूसरी ओर, पुलिस बयानों और तकनीकी इनपुट को दीपक के बयान और अन्य साक्ष्यों से मिलाकर देख रही है। दीपक पाइप कारोबारी नहीं, पाइप कंपनी में करता था नौकरी
अब इस मामले में पुलिस महिला के परिवार के लोगों के भी बयान दर्ज करेगी। जांच के दौरान एक और तथ्य सामने आया है। शुरुआती जानकारी में दीपक को पाइप कारोबारी बताया जा रहा था, लेकिन पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि वह खुद पाइप का कारोबार नहीं करता था। वह पाइप की कंपनी में सेल्स मार्केटिंग की नौकरी करता है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा हो जाएगा। अभी आत्महत्या समेत दूसरे पहलुओं पर भी जांच
पुलिस फिलहाल मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि सोनिला की मौत से पहले कमरे में क्या परिस्थितियां बनीं और दीपक की भूमिका क्या रही। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में महिला के परिवार के लोगों के बयान भी दर्ज किए जाना बाकी है। दीपक के बयान लिए जा चुके है। इधर, पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम, फोरेंसिक और साइबर जांच से मिले साक्ष्यों को बयानों से मिलाने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

