लखनऊ के निशातगंज स्थित कैफी आजमी एकेडमी में शनिवार कों रिटायर्ड आईपीएस शैलेंद्र प्रताप सिंह की तीन पुस्तकों सपनों की उड़ान, सीमा के उस पार और पूरे देश की खुशबू का विमोचन एवं परिचर्चा हुई। आयोजन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हालैंड हाल एलुमनी एसोसिएशन की ओर से किया गया। कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों के साथ इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कई पुराने छात्र शामिल हुए। विमोचन के बाद शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तीनों पुस्तकों में एक उनके गांव से जुड़ी है, जबकि दो यात्रा वृत्तांत हैं। गांव पर आधारित पुस्तक में सूर्यकांत त्रिपाठी निराला से जुड़े कई अनछुए प्रसंग शामिल किए गए हैं। यात्रा वृत्तांतों में अफ्रीका और जापान की यात्राओं के अनुभवों को जगह दी गई है। सोशल मीडिया पोस्ट से मिलती है अगली किताब की झलक पत्रकार शीतल पी सिंह ने उनके लेखन की सराहना करते हुए कहा कि शैलेंद्र प्रताप सिंह नियमित लेखन करते हैं और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं। गांव से दूर रहने के बावजूद उनका जुड़ाव अपनी जड़ों से बना हुआ है। उन्होंने मसाईमारा और जापान की यात्राओं का जिक्र करते हुए वहां के एयर क्वालिटी इंडेक्स और स्वच्छता व्यवस्था की प्रशंसा की। पत्रकार राजीव रंजन ने कहा कि शैलेंद्र प्रताप सिंह की फेसबुक पोस्ट से उनकी अगली पुस्तक की झलक मिल जाती है। उन्होंने बताया कि अब उनकी अगली पुस्तक बुद्ध पर होगी। शैलेंद्र प्रताप सिंह अब तक 20 देशों की यात्रा कर चुके हैं। 1970 से बने संबंधों की साझा कीं यादें रिटायर्ड आईपीएस बद्री प्रसाद सिंह ने 1970 से चले आ रहे संबंधों और सेवा काल की यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि शैलेंद्र प्रताप सिंह राजनीति शास्त्र के विद्यार्थी जरूर रहे हैं, लेकिन असल में वे दार्शनिक हैं। पत्रकार आलोक जोशी ने भी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विचार रखे। अध्यक्षीय वक्तव्य में पत्रकार उर्मिलेश ने कहा कि संस्मरण और यात्रा वृत्तांत इतिहास और समाज से जोड़ते हैं। यात्राएं सिर्फ भूगोल की यात्रा नहीं होतीं, बल्कि उनमें पूरा समाज शामिल होता है। संचालन हालैंड हाल एलुमनी एसोसिएशन के सचिव सुधीर सिंह और पूर्व छात्र नलिन रंजन सिंह ने किया।

