अयोध्या नवंबर में अपने सालाना दीपोत्सव की तैयारी कर रही है। ज़िला प्रशासन कार्यक्रम को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए सुरक्षा और साफ-सफाई पर ज़ोर दे रहा है। डिविजनल कमिश्नर राजेश कुमार ने बताया कि हाल ही में हुई एक समन्वय बैठक में पुलिस और विभिन्न विभागों को ज़िम्मेदारियाँ सौंपी गईं और पिछले आयोजनों के अनुभवों के आधार पर सुधारों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं।
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इसके तहत कल एक समन्वय बैठक हुई, जिसमें पुलिस प्रशासन और अन्य सभी संबंधित संस्थाओं व विभागों को बुलाया गया था। उन्हें ज़िम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। पिछली बार के अनुभवों के आधार पर सुधार कैसे किए जा सकते हैं, इस पर चर्चा हुई। इस साल भी अयोध्या में भव्य दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसकी तैयारियाँ चल रही हैं। उन्होंने कहा कि 14-कोसी और 5-कोसी परिक्रमा की तैयारियों की भी समीक्षा की जा रही है और सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कुमार ने कहा कि सभी को निर्देश दे दिए गए हैं। दिवाली के दौरान पूरे शहर की सफाई पर खास ध्यान दिया जाएगा। घाटों और ‘राम की पैड़ी’ पर होने वाले कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए, वहां चल रहे निर्माण कार्यों को समय से पहले पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अयोध्या रेंज के DIG सोमेन वर्मा के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक या आम सुरक्षा को लेकर कोई परेशानी न हो, इसके लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
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दीपोत्सव, चौदह साल के वनवास के बाद भगवान राम की अयोध्या वापसी की याद में मनाया जाता है। इस त्योहार के दौरान, सरयू नदी के घाटों, मंदिरों और सड़कों पर लाखों मिट्टी के दीये जलाए जाते हैं, जो दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। साल 2025 में, इस त्योहार के दौरान सरयू नदी के किनारे 22.23 लाख से ज़्यादा दीये जलाए गए, जिससे एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना।

